अयोध्या: 19 तारीख को ट्रस्ट की पहली बैठक, जल्द शुरू होगा मंदिर निर्माण !

अयोध्या: राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठित किया गया है। पीएम मोदी ने बुधवार को संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी.

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प्रतीकात्मक फोटो

अयोध्या: राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठित किया गया है। पीएम मोदी ने बुधवार को संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी, जिसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पहली बैठक 19 फरवरी को होनी है। इस बैठक में नए सदस्यों का चुनाव होना है।

माना जा रहा है कि बैठक में राम मंदिर निर्माण की तारीखों की घोषणा की जा सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा था कि कैबिनेट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव पास किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को राम मंदिर मसले पर ऐतिहासिक फैसले के दौरान सरकार को ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ही सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया है। इस ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे। इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य हैं। गठन के बाद ट्रस्ट को केंद्र सरकार की ओर से 1 रुपये का नकद दान भी मिला है। जो कि ट्रस्ट को मिला पहला दान है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को पहले दान के तौर पर 1 रुपया नकद इस लिए दिया गया है, ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में काम शुरू करे। केंद्र सरकार की ओर से यह दान ट्रस्ट को गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी. मुर्मू ने दिया। अधिकारी ने बताया, ट्रस्ट अचल संपत्ति सहित बिना किसी शर्त के किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में दान, अनुदान, अंशदान, योगदान ले सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट केशवन अय्यंगार परासरण ट्रस्ट में हैं। इसके अलावा जगतगुरु शंकराचार्य, जगतगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद जी महाराज, पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का नाम भी शामिल है।

बता दें कि शुरुआत में ये ट्रस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण के आवास से कार्य करेगा, लेकिन बाद में इसका स्थायी कार्यालय खोला जाएगा। इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय करने के अधिकार होंगे। ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा।

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