अमेरिकी ‘आयोग’ ने की अमित शाह के बैन की मांग, नागरिकता संशोधन विधेयक पर यूं जताई चिंता

लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अमेरिका के एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैन की मांग की है।

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अमित शाह

लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अमेरिका के एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैन की मांग की है। USCIRF ने कहा, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 ‘गलत दिशा में बढ़ाया गया एक खतरनाक कदम’ है।

अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कहा, नागरिकता संशोधन विधेयक अगर भारत की संसद में पारित होता है, तो भारत के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।’ USCIRF ने सोमवार को एक बयान में कहा, विधेयक के लोकसभा में पारित होने से वह बेहद चिंतित है। लोकसभा ने सोमवार को नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को मंजूरी दी है।

दरअसल, Citizenship Amendment Bill 2019 में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है।

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने आगे कहा, “अगर कैब दोनों सदनों में पारित हो जाता है तो अमेरिकी सरकार को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य नेतृत्व के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर विचार करना चाहिए।”

आयोग के मुताबिक, “अमित शाह द्वारा पेश किए गए धार्मिक मानदंड वाले इस विधेयक के लोकसभा में पारित होने से यूएससीआईआरएफ बेहद चिंतित है ।”

गौरतलब है कि संसद कि निम्न सदन लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के पक्ष में 311 मत और विरोध में 80 मत पड़े, जिसके बाद इसे लोकसभा से मंजूरी दे दी गई है। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा ये संशोधन बिल बीजेपी के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है। साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के 130 करोड़ लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाकर इसको मंजूरी दी है। वहीं कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत करीब 11 विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया है।

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