बिहार में बाढ़: मरने वालों की संख्या 23 पहुंची, CM नीतीश कुमार बोले- क्या करें, कुदरत पर किसका काबू

सभी घरों के ग्राउंड फ्लोर पानी में हैं। गाड़ियां जलमग्न हो गईं हैं। राजधानी के पंप हाउस में पानी जाने की वजह से यहां की मशीनरी काम नहीं कर रही है। लोग घरों में फंसे हुए हैं। बिजली की सप्लाई घंटों से काट दी गई है, पीने की पानी की भी घोर किल्लत मची है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
बिहार में बाढ़ ने मचाई तबाही, CM नीतीश कुमार बोले- कुदरत के आगे बेबस

नई दिल्ली। बिहार में बाढ़ ने हालात बद से बदतर कर दिए हैं। बाढ़ की चपेट में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। तो वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि क्या करें, कुदरत पर किसका काबू है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कई इलाकों में भारी बारिश जारी है और गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लेकिन हालात से निपटने के सिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन लोगों की पूरी मदद करने की कोशिश कर रहा है।

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उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि ऐसी स्थिति किसी के हाथ में नहीं होती है, ये आपदा प्राकृतिक है। मौसम विभाग सुबह कुछ कहता है और दोपहर तक कुछ और ही हो जाता है। लोगों तक पीने का साफ पानी पहुंचाने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके अलावा बाढ़ ग्रसित इलाकों में कम्युनिटी किचन के माध्यम से लोगों तक खाना पहुंचाया जा रहा है।

बिहार में बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि राजधानी पटना में भी पानी घरों, अस्पतालों तक में भर चुका है, निचले इलाकों में भयंकर हालात हैं। उत्तर बिहार के 14 जिले इससे प्रभावित हैं।

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बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इमरजेंसी बैठक की। बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।

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