CM योगी ने दी सफाई, ‘खुशखबरी जल्द’ वाले अपने बयान का बताया मतलब

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान और देश...

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अयोध्या में राम मंदिर का मामला भले ही सुप्रीम कोर्ट में हो, लेकिन इसे लेकर भाजपा नेताओं द्वारा बयानबाजी जारी है। बीते दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘उत्तर प्रदेश को जल्द खुशखबरी’ वाले बयान पर अब सियासी हंगामा खड़ा हो गया, जिसके बाद  सीएम योगी को सफाई देने पड़ी है। सीएम योगी ने कहा कि मेरा बयान अयोध्या के दीपोत्सव को लेकर था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल हम दीपोत्सव मना रहे हैं, लेकिन इस बार दीपोत्सव और भी भव्य तरीके से मनाया जाएगा। दरअसल, पहले सीएम योगी का बयान राम मंदिर से जोड़कर देखा जा रहा था।

सपा-कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने सीएम के बयान पर निशाना साधा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मामले पर सफाई देनी पड़ी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अखबारों में पढ़ा है कि मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी राम मंदिर निर्माण के संदर्भ में की है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि नेताओं को इस मुद्दे पर बोलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने सवालिया लहजे में कहा कि वह किस खुशखबरी की बात कर रहे हैं?

कांग्रेस के एक अन्य प्रदेश प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने कहा कि साल भर से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन सरकार अभी तक घोषणा के बावजूद सबसे ऊंची प्रतिमा नहीं बना पाई। मुख्यमंत्री खुद भ्रमित हैं। वह जिस तरह से इशारों में बात करते हैं संदेहास्पद है। भाजपा के लिए हमेशा ही भगवान राम राजनीतिक विषय रहे हैं, आस्था के नहीं। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक वर्ग चाहता है कि अयोध्या मामले जल्द हल हो।

तो वहीं दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संविधान और देश के कानून पर कम भरोसा करती है। हमने हमेशा यही कहा कि अदालत जो फैसला लेगी उसे पूरा देश मानेगा। सवाल यह है कि मुख्यमंत्री को कैसे पता है कि क्या होने वाला है?

वहीं, शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के प्रवक्ता सीपी राय ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश रिटायर होने वाले हैं और इस मामले पर फैसला सुनाकर शायद इतिहास बनाना चाहते हैं। इस मामले में जो भी फैसला आएगा, उसे देश मानेगा। देश संविधान से चलता है। अगर राम मंदिर बनेगा तो भी यह खुशी की बात है।

तो वहीं प्रसपा प्रवक्ता सीपी राय ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश रिटायर होने वाले हैं और इस मामले पर फैसला सुनाकर शायद इतिहास बनाना चाहते हैं। इस मामले में जो भी फैसला आएगा, उसे देश मानेगा। देश संविधान से चलता है। अगर राम मंदिर बनेगा तो भी यह खुशी की बात है।

उधर, अखिलेश यादव के सवाल पर सीँएम योगी ने कहा कि जिनकी भूमिका नकारात्मक हो उनसे सकारात्मक अपेक्षा करना ठीक नहीं होगा। हमने गांधी जयंती पर 36 घंटे विधानसभा चलाई, ताकि गांधीजी के विचारों पर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि जिनको जनता के मुद्दे से कोई मतलब नहीं उन्होंने वॉक आउट किया और ये गांधी जी का अपमान है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार का एजेंडा स्पष्ट है कि विकास का जो मॉडल मोदीजी ने खड़ा किया है वो हमारी प्रेरणा है।

गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब 5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जल्द ही उत्तर प्रदेश के लोगों को एक खुशखबरी मिलेगी। पिछले हफ्ते शनिवार को गोरखपुर में हो रहे राम कथा में पहुंचे सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश के लोगों को खुशखबरी मिलेगी। नवरात्रि के मौके पर कथा वाचक मोरारी बापू भी गोरखपुर पहुंचे थे और उनकी राम कथा में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भक्तों को भगवान राम के जीवन से सीख लेनी चाहिए और राज्य के कल्याण के लिए उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने राम मंदिर का नाम लिए बिना कहा कि जल्द ही प्रदेश के लोगों को खुशखबरी मिलने वाली है।

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