निर्भया मामले के इस दोषी को कोई नहीं मानता अपना, 3 मार्च को होगी फांसी

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निर्भया के चारो दोषी

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में चारों दोषियों को फांसी की नई तारीख पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी कर दिया है। अब चारो दोषियों को 3 मार्च 2020 की सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। गोरखपुर जोन के बस्ती जिले का रहने वाला पवन गुप्ता उर्फ कालू की हरकत पर उसके गांव के लोगों को आज भी यकीन नहीं होता है, इतना ही नहीं गांव के लोग फांसी से पहले ही उसे मरा हुआ मान लिए हैं।

गोरखपुर जगन्नाथपुर में पवन का नाम आते ही उसके गांव वालों का सिर शर्म से झुक जाता है। इस मामले में पवन के दोस्तों का कहना है कि उसे क्रिकेट का बहुत शौक था। उसने महादेवा में नमकीन बनाने की फैक्ट्री खोली लेकिन वह चल नहीं पाई। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वहां जूस का व्यवसाय करने लगा। आपको बता दें कि पवन के परिवार वाले दिल्ली के आर के पुरम रविदास कैंप में रहते हैं।

पवन की मां की मौत हो गई थी
इस मामले में पवन की बहन और दादी ने 2017 में फांसी की सजा के बाद अदालत और कानून पर टिप्पणी की थी कि उन्हें न्याय पाने के लिए प्रयास करने का मौका नहीं दिया गया। इतना ही नहीं निर्भया कांड के बाद पवन की मां की मौत पर पिता एक बार अपने गांव जगन्नाथपुर आए थे, लेकिन वह क्रिया-कर्म के बाद लौट गए।

ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था पवन
पवन के दो भाई व दो बहन है जिसमें पवन सबसे बड़ा है। पवन दुकानदारी के अलावा ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा था। पवन के पिता ने लालगंज थाने के महादेवा चौराहे के पास गांव में भी जमीन ली थी और उस पर मकान बनवाना शुरू किया था, मगर 16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद से काम ठप हो गया।

दया याचिका खारिज

निर्भया मामले में 13 मार्च 2014 में हाईकोर्ट व 27 मार्च 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा बरकरार रखी। अब दया याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

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