यूएन में मोदी की दहाड़, प्रधानमंत्री की भाषण में ये थे महत्वपूर्ण बिंदु

'जनभागीदारी से जनकल्याण हमारा उद्देश्य है और ये केवल भारत के लिए ही नहीं जगकल्याण के लिए भी हो - यूएन में प्रधानमंत्री मोदी..

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शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यूएन के 74वें सत्र मेंसंयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया...

नई दिल्ली।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने यूएन के 74वें सत्र कों संबोधित किया। 15 मिनट से अधिक के अपने इस भाषण सें प्रधानमंत्री ने विश्व शांति,पर्यावरण संरक्षण,आतंकवाद के अलावा देश के विकास सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को मजबूती से उठाया।

सयुंक्त राष्ट्र महासभा में पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा की इस वर्ष दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का चुनाव हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने उनकी सरकार को सबसे बड़ा जनादेश दिया है। इस वर्ष पूरा विश्व महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। सत्य और अहिंसा का उनका संदेश विश्व शांति और विकास के लिए आज भी प्रासंगिक है। हम उस देश के वासी हैं, जिसने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिये हैं। शांति का संदेश दिया है।

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 प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आगे कहा की भारत पांच साल में 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर देशवासियों को देता है। हम 50 करोड़ लोगों को हर साल पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं। ये प्रयास पूरी दुनिया को नया मार्ग दिखाती है। इसके अलावा आज पूरी दुनिया के लिए जल संरक्षण एक बड़ा मुद्दा है। दुनिया के लगभग देश पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं या तेजी से इस समस्या की तरफ बढ़ रहे हैं। हम आने वाले पांच वर्षों में  जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही भारत में 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा जब वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के लिए आ रहे थे, उस वक्त उन्होंने यूएन की दिवार पर नो मोर सिंगल यूज प्लास्टिक लिखा देखा। जिसके बाद उन्होनें बताया भारत इस दिशा में पहले ही एक बड़ा अभियान शुरू कर चुका है।

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इन सबके के अलावा पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर बिना नाम लिए पाकिस्तान समेत उन सभी देशों को घेरने का प्रयास किया जो इसमें फर्क करते हैं। पीएम मोदी ने कहा, हम मानते हैं कि ये किसी एक देश की नहीं बल्कि परी दुनिया की और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। आतंक के नाम पर बंटी हुई दुनिया उन सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है, जिनके आधार पर यूएन का जन्म हुआ है। मानवता के खातिर आतंक के खिलाफ पूरे विश्व का एकजुट होना मैं अनिवार्य समझता हूं।

अपनी भाषण में मोदी ने आगे कहा की ‘जनभागीदारी से जनकल्याण हमारा उद्देश्य है और ये केवल भारत के लिए ही नहीं जगकल्याण के लिए भी हो। हमारा प्रयास 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर हो रहा हैं, लेकिन ये प्रयास सारे विश्व के लिए हर देश के लिए हैं। प्रयास हमारे हैं, लेकिन परिणाम पूरे विश्व के लिए हैं। भारत जिन विषयों को उठा रहा है, उसका आधार वैश्विक चुनौतियां है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस भाषण के बाद पूरी दुनिया में चर्चा का केन्द्र बने हुए है।

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