Video: एक धमाके ने छीन लिए थे मालविका अय्यर के दोनों हाथ, बताई पूरी कहानी

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मालविका अय्यर

8 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात महिलाओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को सौंप दे दिया है। ऐसे में वो 7 महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अकाउंट से प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कर रही हैं। इस दौरान मालविका अय्यर ने भी प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीटर से अपनी प्रेरणादायक कहानी सांझा की।


अपनी कहानी सांझा करते हुए मालविका अय्यर ने बताया की वो एक ऐसे हादसे से गुजर चुकी हैं जिससे उबर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल था। उन्होंने आगे बताया की 13 साल की उम्र में वह एक भयानक हादसे का शिकार हुईं थी। इस दौरान उन्हें उनके घर के पास ही एक ग्रेनेड पड़ा मिला था और जब उन्होंने उसे उठाया तो वह ग्रेनेड मालविका के हाथों में ही फट गया। इस हादसे में उनके दोनों हाथों के अलावा दोनों टांगों में कई फ्रैक्चर्स और नर्वस सिस्टम डैमेज हो गया। जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए चेन्नई के एक हॉस्पिटल में दो साल रहना पड़ा था। इस हादसे में उन्होंने अपने दोनों हाथ गवा दिए।

इतने भयानक हादसे के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और खुद को इस कदर बदला कि विकलांग से सुपरवुमन बनकर सामने आईं। उन्होंने चेन्नई SSLC एग्जामिनेशन में बतौर प्राइवेट कैंडिडेट हिस्सा लिया। इतना ही नहीं दोनों हाथ खो चुकीं मालविका ने लिखने के लिए एक असिस्टेंट की मदद भी ली। इसी बीच उनकी मेहनत की चर्चा हर तरफ फैल रही थी और उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया गया।

आपको बता दें कि मालविका अय्यर एक इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर, विकलांगों के हक के लिए लड़ने वाली एक्टिविस्ट, सोशल वर्क में पीएचडी के साथ फैशन मॉडल के तौर पर जानी जाती हैं। उनका जन्म तमिलनाडु के कुमबाकोनम में हुआ था लेकिन उनकी परवरिश राजस्थान के बीकानेर में हुआ।

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