कार्तिक पूर्णिमा के दिन बन रहा है विशेष संयोग, इस मंत्र को पढ़ने से दूर होंगे सभी कष्ट

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व होता है। इस दिन को देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। देव दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान और गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। कार्तिकम पूर्णिमा का ये त्योहार आज यानि कि 12 नवंबर को मनाया जा रहा है। चलिए जानते हैं इस दिन कौन से काम करने से सभी देवता होते हैं प्रसन्न-

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नई दिल्ली: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व होता है। इस दिन को देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। देव दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान और गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। कार्तिकम पूर्णिमा का ये त्योहार आज यानि कि 12 नवंबर को मनाया जा रहा है। चलिए जानते हैं इस दिन कौन से काम करने से सभी देवता होते हैं प्रसन्न-

गंगाजल मिलाकर करें स्नान
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं, लेकिन कई बार गंगा स्नान कर पाना संभव नहीं हो पाता तो ऐसे में आप पानी में गंगा जल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।

दान करके कथा सुनें
कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान और चावलों का दान बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन खिचड़ी बनाने की विशेष परंपरा है। इस खिचड़ी को दान करने के बाद भगवान सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए। इससे दुर्भाग्य दूर होता है।

इस मंत्र का करें जप
इस बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन विशेष समृद्धि योग बन रहा है। इसलिए इस बार की कार्तिक पूर्णिमा पर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और 108 बार ओम नम: शिवाय मंत्र का जप करें।

माता लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
देव दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पीपल की पूजा करें और उसकी परिक्रमा करें। माना जाता है कि पीपल के पेड़ में माता लक्ष्मी का वास होता है, ऐसे में पीपल की पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और दरिद्रता दूर होती है।

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