विदेश मंत्री का बयान, बोले- हमने की थी चीन में फंसे पड़ोसी देशों की मदद की पेशकश

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। विदेश मंत्री ने शुक्रवार को राज्यसभा में कोरोना वायरस पर बोलते हुए कहा, 'हमने जब अपने छात्रों को चीन के वुहान से लाने के लिए विमान भेजा, तो खुले तौर पर अपने सभी पड़ोसियों के लिए ये पेशकश दी थी कि उनके लोगों को निकलवाने में भी भारत मदद करेगा।'

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External Affairs Minister - S. Jaishankar Prasad

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। विदेश मंत्री ने शुक्रवार को राज्यसभा में कोरोना वायरस पर बोलते हुए कहा, ‘हमने जब अपने छात्रों को चीन के वुहान से लाने के लिए विमान भेजा, तो खुले तौर पर अपने सभी पड़ोसियों के लिए ये पेशकश दी थी कि उनके लोगों को निकलवाने में भी भारत मदद करेगा।’

एस जयशंकर ने कहा कि मालदीव ने भारत की इस पेशकश पर सकारात्मक रुख दिखाया, तो हम वहां के छात्रों और लोगों को सकुशल मालदीव पहुंचवाने के लिए यहां ले आए हैं। जल्दी ही सबको उनके देश पहुंचा दिया जाएगा।

विदेश मंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय चीन में रह रहे स्टूडेंट्स के संपर्क में है। साथ ही चीनी अथॉरिटी से भी हम लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। बता दें कि विदेस मंत्री से पहले राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस के प्रकोप और बचाव के लिए उठाए गए कदम की जानकारी दी है।

गौरततलब है कि चीन के वुहान शहर से मालदीव के 7 नागरिक भारत आए हैं। ये लोग कोरोना वायरस से प्रभावित वुहान शहर में काफी दिनों से फंसे थे। भारत की इस पहल पर मालदीव ने भारत का आभार जताया था। भारत के इस कदम के लिए मालदीव के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर का शुक्रिया अदा किया था।

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