सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अलर्ट, अयोध्या स्थानीय प्रशासन ने पीस कमेटियों का किया गठन

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ मंगलवार के बाद ही इस मामले में फैसला सुनाएगी, यानी 13 से 16 नवंबर के बीच किसी भी दिन....

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ड्रोन के जरिए पूरे अयोध्या प्रशासन की निगरानी में ...

नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की घड़ी नजदीक आ चुकी है। 17 नंवबर को चीफ जस्टिस रंजन गगोई के रिटायर होने से पहले इस विवाद का फैसला लोगों के सामने होगा। हालांकि अभी फैसलें की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है। लेकिन फैसलें से पहले प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो चुकी है।

वहीं गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के फैसले को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवायजरी जारी की है। इस विवाद के फैसले को लेकर राज्यों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गया है।

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कोर्ट कैलेंडर पर गौर करे तो 9 नवंबर से 12 नवंबर तक कोर्ट बंद रहेंगे। यानी सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की विशेष पीठ मंगलवार के बाद ही इस मामले में फैसला सुनाएगी, यानी 13 से 16 नवंबर के बीच किसी भी दिन। वहीं कुछ सूत्रों के मुताबिक अयोध्या मामलें में फैसला 8 नवंबर को भी आ सकता है। लेकिन अगर शुक्रवार को फैसला नही आता है तो फिर इस विवाद पर फैसले के लिए 4 दिन ही होगें।

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पंच कोसी परिक्रमा को लेकर भी अलग सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन के जरिए पूरे अयोध्या प्रशासन की निगरानी में है। वहीं दूसरी तरफ अयोध्या को लेकर स्थानीय प्रशासन ने पीस कमेटियां बनाई हैं जो जिले के गांवों में जाकर लोगों से शांति और प्रेम बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इसके अलावा कई बाहर के जिलों में दर्जनों की संख्या में अस्थाई जेल परिसरों का निर्माण किया गया है। स्कूल और प्राइवेट बिल्डिंगों को अस्थाई जेल के लिए चिन्हित किया गया है। अयोध्या के हर इलाके में फोर्स की तैनाती की गई है।

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