विकास दुबे को पकड़ने के लिए फोर्स तेज, चौबेपुर थानेदार हुआ सस्पेंड

कानपूर मुठभेड़ दबिश में चौबेपुर थानेदार हमले से ठीक पहले वहां से भाग निकले। इससे वे शक के घेरे में आ गए हैं। फिलहाल उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

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vikas dubey

Uttar Pradesh: पूरे प्रदेश को हिलाकर रख देने वाली बिकरू गांव (Kanpur Encounter) में हुई घटना में चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध लग रही है। पहले थानेदार ने विकास दुबे (Vikas Dubey) पर रिपोर्ट दर्ज न कर पीड़ित राहुल को भगा दिया था। इसके बाद सीओ ने रिपोर्ट दर्ज कराई और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। दबिश में चौबेपुर थानेदार गए तो लेकिन पीछे-पीछे रहे और हमले से ठीक पहले वहां से भाग निकले। इससे वे शक के घेरे में आ गए हैं। फिलहाल उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

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मोहिनी नेवादा निवासी राहुल तिवारी ने दो दिन पहले चौबेपुर थाने में विकास दुबे (Vikas Dubey) के खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप लगाकर रिपोर्ट दी थी। आरोप है कि एसओ विनय तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जानकारी होने पर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी केस में विकास दुबे को उठाने के लिए आला अधिकारियों की अनुमति पर पुलिस ने दबिश दी।

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कुछ महीने पहले सीओ ने चौबेपुर क्षेत्र में बड़ा जुआ पकड़ा था। मामले में सीओ ने जांच की थी तो पता चला था कि जुआ खिलाने के बदले रकम थानेदार तक पहुंचती है। जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ रिपोर्ट लगाई थी। ऐसे कई मामले हैं, जिनकी वजह से सीओ और एसओ के बीच विवाद रहता था। दोनों एक दूसरे से असहमत रहते थे।

मामले में जांच के आदेश हुए हैं। कहां पर किसकी चूक रही है या इसमें कोई साजिश है, इसका पता जांच में चल जाएगा। उसी आधार पर कार्रवाई होगी।जमीन पर कब्जे को लेकर जादेपुर गस्सा गांव निवासी राहुल तिवारी ने चौबेपुर एसओ विनय तिवारी से शिकायत की थी। इस संबंध में एसओ बुधवार को विकास दुबे से पूछताछ करने उसके घर गए थे। पूछताछ के दौरान ही विकास ने एसओ से हाथापाई कर दी थी। उस वक्त एसओ ने वहां से वापस होने में ही अपनी भलाई समझी।

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गुरुवार को पुलिस ने राहुल की तहरीर पर विकास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। राहुल के अनुसार विकास दुबे ने उसके ससुर लल्लन शुक्ला की जमीन जबरन अपने नाम बैनामा करा ली थी। इसे लेकर उन्होंने विकास के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा भी दायर किया था। इसी मुकदमे को वापस लेने का दबाव बनाने केलिए विकास दुबे, सुनील, बाल गोविंद, अमर दुबे, शिवम दुबे ने एक जुलाई को उसे बंधक बना कर पीटा था।

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डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने एक सवाल के जवाब में बड़े तल्ख शब्दों में कहा कि हमारे परिवार के 8 जवान शहीद हुए हैं। पुलिस को किसी से भी पूछताछ करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने समाज के लोगों से अनुरोध है कि पुलिस की जांच में सहयोग करें। हमारे 8 लोग मारे गए, सात लोग घायल हुए हैं। कार्रवाई तो होगी ही और सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना ने समाज को सोचने पर भी विवश कर दिया है।

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