क्या अब प्लास्टिक के कचरे से बनेगी वनीला आइसक्रीम, जानें सच

प्लास्टिक कचरे के कारण हर साल एक लाख से अधिक जीवों की मौत होती है। वैज्ञानिकों ने इसके सही इस्तेमाल का तरीका ढूंढ लिया है।

0
443
Vanilla Ice Cream
प्लास्टिक कचरे के कारण हर साल एक लाख से अधिक जीवों की मौत होती है। वैज्ञानिकों ने इसके सही इस्तेमाल का तरीका ढूंढ लिया है।

New Delhi: प्लास्टिक के कचरे की वजह से शहरों में प्रदूषण देखने को मिल रहा (Vanilla Ice Cream) है। साथ ही प्लास्टिक कचरे के कारण हर साल तकरीबन एक लाख से अधिक जीवों की मौत हो जाती है, क्योंकि नदियों से लेकर समुद्र तक प्लास्टिक देखने को मिलता है। अब शायद वैज्ञानिकों ने इसके सही इस्तेमाल का तरीका ढूंढ लिया है। वैज्ञानिकों ने पहली बार प्लास्टिक के कचरे से आइसक्रीम में मिलाया जाने वाला वनीला फ्लेवर तैयार किया है। एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया है। 

डेल्टा वेरिएंट कर रहा परेशान, क्या कारगर होगी Covaccine और Covishield

बता दें वनीला फ्लेवर (Vanilla Ice Cream) बनाने के लिए सबसे पहले वैज्ञानिकों ने ई-कोली बैक्टीरिया के जीनोम को बदला, फिर प्लास्टिक से तैयार टेरिप्थेलिक एसिड को बैक्टीरिया की मदद से वेनिलीन में बदल दिया, वेनिलीन एक कंपाउंड होता है, जो वनीला की तरह महकता है और स्वाद पैदा करता है। 

वैसे तो वेनिलीन (Vanilla) को खाने-पीने में यूज किया जाता है। इसके साथ ही कॉस्मेटिक में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। फार्मा इंडस्ट्री, साफ-सफाई करने वाले उत्पाद और हर्बीसाइड को तैयार करने में भी इसका उपयोग किया जाता है। 

अब 18+ वालों को बिना Registration लगेगी Vaccine, जानें क्या है Corona की नई पॉलिसी

कैसे होता है तैयार

दुनियाभर में जितनी भी वेनिलीन (Vanilla Ice Cream) की सप्लाई होती है, उसका 85 फीसदी हिस्सा जीवाश्म ईंधन से तैयार होता है, बाकी का 15 फीसदी दूसरे तरीकों से बनाया जाता है। दरअसल, साल 2018 में इसकी मांग 37 हजार टन थी।  

Read more articles on National News in Hindi 


देश और दुनिया से जुड़ी Hindi News की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. Youtube Channel यहाँ सब्सक्राइब करें। सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें, Twitter पर फॉलो करें और Android App डाउनलोड करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here