Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, MPs- MLAs के शरीर में नहीं लगा सकते चिप….

0
324

Supreme Court:  सुप्रीम कोर्ट ने बेहतर प्रशासन के लिए सांसदों और विधायकों की चौबीसों घंटे डिजिटल निगरानी करने के लिए केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि इस पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड, जस्टिस जेपी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने दिल्ली के याचिकाकर्ता सुरिंदर नाथ कुंद्रा को फटकार लगा दी। वही कोर्ट ने कहा, सांसदों-विधायकों को भी निजता का अधिकार (Right to privacy) है। निगरानी के लिए उनके शरीर में चिप नहीं लगा सकते। बेंच ने याचिका खारिज करते हुए पूछा कि क्या चौबीस घंटे सांसदों की हरकतों पर नजर रखने के लिए उनके शरीर में चिप लगा दें। राइट टू प्राइवेसी भी कोई चीज होती है।

SP-चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता सुरिंदर नाथ कुंद्रा को चेताया कि इस तरह की अर्जी दाखिल करने और अदालत का समय खराब करने के लिए उन पर पांच लाख रुपये का हर्जाना लगाया जा सकता है। पीठ ने कहा, ‘यदि आप बहस करते हैं और हम आपसे सहमत नहीं होते हैं, तो आपसे पांच लाख रुपये भू-राजस्व के रूप में वसूल किए जाएंगे। यह जनता के समय की बात है। यह हमारा अहंकार नहीं है।’

जुर्माना लगाने की चेतावनी
याचिकाकर्ता ने कहा कि कोर्ट को उसे अपना मामला पेश करने की अनुमति देनी चाहिए। इस पर पीठ ने चेतावनी देते हुए कहा, अगर आप बहस करते हैं व हम सहमत नहीं होते हैं, तो आपसे भू-राजस्व के रूप में 5 लाख रुपये वसूले जाएंगे। यह जनता का समय है। कई अन्य मामले भी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here