मुहर्म जुलूस निकालने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश के सैयद कल्बे जवाद देशभर में शनिवार और रविवार को मुहर्रम जुलूस की इजाजत चाह रहे थे. उन्हीं की याचिका पर ये सुनवाई की जा रही थी.

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Muharram Juloos
मुहर्म जुलूस निकालने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Delhi: गुरुवार को सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने मुहर्म जुलूस (Muharram Juloos) निकालने के लिए अनुमित देने वाली याचिका को खारिच कर दिया। याचिका पर अदालत ने कहा कि वह ऐसे आदेश पारित नहीं करेगा जो इतने लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दे। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) जाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इससे अराजकता हो सकती है और फिर कोरोना वायरस (Corona Virus) को फैलाने के लिए एक समुदाय को जिम्मेदार ठहरा जाएगा।

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चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, अगर हम देशभर में मुहर्रम पर जुलूस (Muharram Juloos) निकालने की इजाजत देते हैं तो इससे अराजकता हो जाएगी और एक समुदाय को कोविड-19 महामारी फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश के सैयद कल्बे जवाद देशभर में शनिवार और रविवार को मुहर्रम जुलूस की इजाजत चाह रहे थे. उन्हीं की याचिका पर ये सुनवाई की जा रही थी, याचिका पर अदालत की तरफ से रथ यात्रा फेस्टिवल की अनुमति का हवाला दिया गया था।

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चीफ जस्टिस ने कहा, “आप पुरी जगन्नाथ यात्रा का संदर्भ दे रहे हैं, जो एक जगह पर और एक रुट पर तय था। उस केस में हमने खतरे का आकलन कर आदेश दिया था। दिक्कत ये हैं कि आप देशभर के लिए आदेश देने की इजाजत मांग रहे हैं।” चीफ जस्टिस ने कहा, ‘हम सभी लोगों को स्वास्थ्य को खतरे में नहीं डाल सकते। अगर आपने एक जगह के लिए इजाजत मांगी होती तो हम उस खतरे का आकलन कर सकते थे।’ सर्वोच्च अदालत ने पूर्ण रूप से देशभर में इजाजत की कठनाई के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य सरकारें भी इस याचिका के पक्ष में नहीं हैं।

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