कानून को चुनौती देने वाले केशवानंद भारती का हुआ निधन

संविधान के 'मूल संरचना सिद्धांत' का निर्धारण करने वाले केस के प्रमुख याचिकाकर्ता रहे केशवानंद भारती का 79 साल की उम्र में रविवार सुबह निधन हो गया।

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Seer Kesavananda Bharati
कानून को चुनौती देने वाले केशवानंद भारती का हुआ निधन

New Delhi: संत केशवानंद भारती (Seer Kesavananda Bharati) का 79 साल की उम्र में रविवार सुबह निधन हो गया। संविधान के ‘मूल संरचना सिद्धांत’ का निर्धारण करने वाले केस के प्रमुख याचिकाकर्ता रहे केशवानंद भारती केरल के कासरगोड़ में एडनीर मठ के प्रमुख थे। वहीं पर बने उनके आश्रम में उनका निधन हुआ। देश उन्हें संविधान को बचाने वाले शख्स के तौर पर याद रखेगा।

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उनके (Seer Kesavananda Bharati) निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके अपनी श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने कहा कि पूज्य केशवानंद भारती देश के महान संत और समाज सुधारक थे। उन्होंने संविधान के मूल्यों को आगे बढाने और देश की संस्कृति के प्रसार में अहम योगदान दिया, ओम शांति । दरअसल आज से 47 साल पहले यानी 1973 में उन्होंने केरल सरकार (Kesavananda Bharati vs State of Kerala) के खिलाफ मठ की संपत्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी थी।

बता दें कि केशवानंद ने कोर्ट में याचिका दखिल कर अनुच्छेद 26 का हवाला देते हुए दलील दी थी कि मठाशीध होने के नाते उन्हें अपनी धार्मिक संपत्ति को संभालने का हक है। इतना ही नहीं संत ने स्थानीय और केंद्र सरकार के कथित भूमि सुधार तरीकों को भी चुनौती दी थी। हालांकि केरल हाईकोर्ट में उनकी याचिका खारिज हो गई थी तब केशवनंद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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केशवानंद की याचिका पर 23 मार्च 1973 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 13 जजों की संवैधानिक बेंच ने केशवानंद भारती के पक्ष में फैसला दिया था।

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