सीमा पर तनाव के बीच रक्षा मंत्री तीन दिवसीय दौरे पर रुस रवाना

रक्षा मंत्री के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होने की संभावना है.

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Delhi: सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) तीन दिवसीय रूस (Russia) दौरे पर रवाना हो गए. रक्षा मंत्री के इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होने की संभावना है. रक्षामंत्री मॉस्को में आयोजित विजय दिवस परेड (Victory Day Parade) में भी शिरकत करेंगे. यह परेड दूसरे विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत की जीत की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही है. यह परेड पहले 9 मई को होने थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था.

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रूस रवाना होने से पहले रक्षा मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, “रूस की यात्रा के दौरान भारत-रूस के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर बातचीत होगी. मैं मॉस्को में 75वें विक्ट्री परेड डे में भी शामिल होऊंगा.”

रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने ट्वीट किया, “मैं सामरिक साझेदार भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षित यात्रा की कामना करता हूं, जो सोमवार को मॉस्को के लिए रवाना हो रहे हैं; जहां वह 24 जून को ग्रेट विक्ट्री डे सैन्य परेड के गवाह बनेंगे.”

राजनाथ सिंह के साथ रक्षा सचिव अजय कुमार भी गए हैं. भारत एस-400 ट्रायम्फ एंटी मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी में तेजी लाने के लिए रूस पर दबाव डाल सकता है.

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इसके साथ ही मंगलवार को त्रिपक्षीय विदेश मंत्री वार्ता में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी स्टेट काउंसिलर और विदेश मंत्री वांग यी के बीच सीमा विवाद को लेकर पहली बैठक होगी। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव इस ‘रूस-भारत-चीन’ त्रिपक्षीय विदेश मंत्री वार्ता की मेजबानी करने वाले हैं। मॉस्को पिछले कुछ सप्ताह से नई दिल्ली के साथ वार्ता चीन और भारत सीमा विवाद मामले में मध्यस्थता की कोशिश में लगा हुआ है।

रूस के रिश्ते चीन के साथ बीते कुछ वक्त में काफी सुधरे हैं क्योंकि अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद चीन उससे व्यापार करता रहा है। वहीं, नई दिल्ली का मॉस्को के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का इतिहास रहा है। 2017 में दोकलम विवाद के दौरान, बीजिंग में रूसी राजनयिकों को चीन सरकार द्वारा इस मुद्दे पर जानकारी दी गई थी।

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