इन चार बैंकों का होगा प्राइवेटाइजेशन!, नौकरियां जानें का खतरा बढ़ा

केंद्र सरकार जल्द ही 4 बड़े बैंकों का प्राइवेटाइजेशन (Privatization of Banks) कर सकती है।

0
615
Privatization of Banks:
केंद्र सरकार जल्द ही 4 बड़े बैंकों का प्राइवेटाइजेशन (Privatization of Banks) कर सकती है।

New Delhi: भारत सरकार (Central Government) प्राइवेटाइजेशन की ओर तेजी से कदम से बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार जल्द ही 4 बड़े बैंकों का प्राइवेटाइजेशन (Privatization of Banks) कर सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी प्राइवेट होने वाले बैंकों के नामों का ऐलान नही किया हैं।

फेसबुक-वॉट्सऐप को SC का नोटिस, कहा- लोगों की कीमत कंपनी से ज्यादा

दरअसल, सरकारी बैंकों को बेचकर सरकार राजस्व कमाना चाहती है। ताकि उस पैसे का उपयोग सरकारी योजनाओं पर हो सके। बैंकों का प्राइवेटाइजेशन (privatisation of banks in india) वैसे जोखिम भरा काम है। जिसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार शुरुआत में छोटे बैंकों के निजीकरण पर मुहर लगा सकती है। इनमें बैंक ऑफ इंडिया, (BOI) सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) और इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल है। जानकारी के मुताबिक इन बैंकों का जल्द ही प्राइवेटाइजेशन किया जाएगा। इन 4 में 2 बैंकों का प्राइवेटाइजेशन अगले वित्त वर्ष यानी 2021-22 में हो सकता है।

ये है नियम:

नियमों के मुताबिक जिस बैंक (privatisation of banks in india) में सरकार का शेयर 50% होता है। उसे सरकारी बैंक घोषित किया जाता है। वहीं प्राइवेट बैंक में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी सरकार के पास नहीं होता बल्कि किसी संस्था या कंपनी के पास होती है। इन शेयर्स का मालिक व्यक्तिगत भी होता है और कॉर्पोरेशन भी होते हैं।

ग्राहकों पर कितना होगा असर?

बैंकों के प्राइवेटाइजेशन (privatisation of banks in india) से लोगों की नौकरियां जाने का खतरा है। इसी वजह से बैंक यूनियन इसका विरोध कर रहे हैं। हांलाकि, बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इन बैंकों का निजीकरण होने पर ग्राहकों के खाते में जमा राशि पर  खास असर नहीं पड़ेगा। जब बैंकों का निजीकरण होता है, तब बैंक पहले की तरह अपनी सेवाएं बरकरार रखते हैं। निजीकरण के बाद ग्राहकों को और बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।

आखिर क्या है टूलकिट केस, क्यों विवादों में घिरा…

बिजनेस से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें Business News in Hindi


देश और दुनिया से जुड़ी Hindi News की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. Youtube Channel यहाँ सब्सक्राइब करें। सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें, Twitter पर फॉलो करें और Android App डाउनलोड करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here