लद्दाख में हम एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं- राजनाथ सिंह

आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद एक गंभीर मुद्दा है, लद्दाख में हम एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं।

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Parliament Session 2020
लद्दाख में हम एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं- राजनाथ सिंह

New Delhi: देश में विपक्ष भारत-चीन सीमा पर चल रहे तनाव (India-China Border Issue) को लेकर लगातार सरकार से बयान की मांग कर रहा है। जिसे देखते हुए आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने लोकसभा में (Parliament Session 2020)  बयान दिया। राजनाथ ने उन्होंने कहा कि सीमा पर भारतीय जवान पूरी सर्तकता के साथ तैयार हैं। राजनाथ ने चीन को बातचीत का प्रस्ताव देते हुए कहा कि अगर ड्रैगन सीमा पर कोई हरकत करेगा तो हमारे जवान उसे माकूल जवाब भी देंगे।

राजनाथ ने कहा कि (Parliament Session 2020) सीमा विवाद एक  गंभीर मुद्दा है, लद्दाख में हम एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं। यह समय है कि यह सदन अपने जवानों को वीरता का एहसास दिलाते हुए उन्हें संदेश भेजे कि पूरा सदन उनके साथ खड़ा है। राक्षामंत्री ने कहा कि दोनों देश शांति पर सहमत हैं। शांतिपूर्ण बातचीत से ही हल निकलेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने कई बार स्टेटस बदलने का प्रयास किया, हमारे जवानों ने इसे असफल कर दिया।

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राजनाथ सिंह ने बताया, ”चीन ने एलएसी और आंतरिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेना की तैनाती की है और हथियार इकट्ठा किए हैं। पूर्वी लद्दाख, गोगरा, कोंगका ला, पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण बैंकों में कई फ्रिक्शन प्वाइंट हैं। भारतीय सेना ने भी इन क्षेत्रों में भारी तैनाती की है.” उन्होंने कहा कि हमारे जवानों का हौसला बुलंद है, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा,”एलएसी पर तनाव बढ़ता देख दोनों तरफ के सैन्य कमांडरों ने 6 जून 2020 को मीटिंग की. इस बात पर सहमति बनी कि जवाबी कार्रवाई के द्वारा डिसइन्गेजमेंट किया जाए। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि एलएसी को स्वीकार किया जाए जाएगा तथा कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे यथास्थिति बदले.” वहीं उन्होंने बताया कि गलवान घाटी में हुए संघर्ष में चीन को काफी नुकसान हुआ है।

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रक्षामंत्री ने कहा कि यह भी बताना चाहता हूं कि अभी तक भारत-चीन के बॉर्डर इलाके में कॉमनली डेलीनिएटिड LAC नहीं है और LAC को लेकर दोनों की धारणा अलग-अलग है। बता दें कि राजनाथ की हाल में मास्को में चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगहे के साथ मुलाकात हुई थी। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री जयशंकर की भी चीन के उनके समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात हुई थी।

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