तीन साल में इतना बढ़ जाएगा ओटीटी प्लेटफार्म का बाजार, जानें जरूरी सूचना

2023 तक केवल भारत में ओटीटी प्लेटफार्म का बाजार 3.6 लाख करोड़ का हो जाएगा। देशभर में इसे काफी पसंद किया जा रहा है।

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OTT Platform
तीन साल में इतना बढ़ जाएगा ओटीटी प्लेटफार्म का बाजार, जानें जरूरी सूचना

New Delhi: ओवर द टॉप यानी की (OTT Platform) देशभर में काफी पसंदीदा मंच है और कई सालों पहले ही इसकी शुरूआत हो चुकी थी। इसी बीच कोरोना महामारी के चलते पिछले 8 महीने में इसकी मांग काफी आगे बढ़ गई है। बहुत सारे लोग इस प्लेटफार्म से जुड़ रहे हैं। ऐसा अनुमान माना जा रहा है कि 2023 तक केवल भारत में इस प्लेटफार्म का बाजार 3.6 लाख करोड़ का हो जाएगा।

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इसी बीच ओटीटी प्लेटफार्म (OTT Platform) की गति को बढ़ता देखकर केंद्र सरकार ने ऑनलाइन समाचार पोर्टल, ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडर को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने के लिए अधिसूचना जारी किया है। इसे देखने के बाद केंद्र सरकार ने ऑनलाइन मीडिया पर ऑनलाइन प्रोग्राम के साथ ही समाचार और करंट अफेयर्स कंटेंट को भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन लाने का फैसला किया है।

भारत सरकार ने बुधवार को एक गजट नोटिफिकेशन के जरिए यह जानकारी दी है। जिसमें कहा गया है कि यह जरूरी है क्योंकि अभी तक देश मैं डिजिटल कंटेंट के लिए कोई भी नियम कानून नहीं है। सरकार के इस कदम को लेकर मनोरंजन से जुड़े लोगों के रिएक्शन आना शुरू हो गए हैं। निर्देशकों ने उसका विरोध किया तो वही दूसरी तरफ इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने उसका स्वागत किया है।

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एक तरफ जहां लोग ओटीटी प्लेटफॉर्म के पक्ष में है वही कई लोग विपक्ष में आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि ओटीटी प्लेटफार्म एक ओर मनोरंजन बढ़ा रहा है तो दूसरी ओर अश्लीलता भी फैला रहा है। अश्लीलता और विचलित करने वाले हास्य और भाषाओं को प्रतिबंधित करने के लिए इसे मंत्रालय के अधीन लिया गया है। देश में कई मीडिया है जैसे- प्रिंट, रेडियो, टेलीविजन, और फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म, इनमें से चार पर किसी न किसी तरीके से नियम कानून लागू है लेकिन ओटीटी पर ऐसी कोई बंधन नही है।

ओटीटी की कूछ सेवा

1. ट्रांजेक्शन वीडियो ऑन डिमांड (TVOD)- ओटीटी प्लेटफार्म की टीवीओडी  सर्विस से ग्राहक अब अपनी मनपसंद टेलीविजन शो देख सकते हैं वह उन्हें किराए पर देख सकते हैं या फिर खरीद कर भी देखा जा सकता है।

2. एडवरटाइजिंग वीडियो ऑन डिमांड (AVOD)- इस सेवा में विज्ञापन मौजूद होते हैं। इसमें ग्राहक मुफ्त में कंटेंट देख सकते हैं। कंटेंट के साथ बीच-बीच में विज्ञापन भी आते हैं।

3. सब्सक्रिप्शन वीडियो ऑन डिमांड (SVOD)– इस प्लेटफॉर्म में ग्राहक मौलिक कंटेंट देख सकते हैं। जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम। यदि ग्राहक वीडियो स्ट्रीमिंग कंटेट देखना पसंद करते हैं तो उन्हें इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना होता है।

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