कमल, डमरू, त्रिशूल… ज्ञानवापी के दूसरे सर्वे में मिले सनातन धर्म के कई सबूत !

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gyanvapi Survey photo

ज्ञानवापी सर्वे (Gyanvapi Survey) से जुड़ी दूसरी रिपोर्ट आज कोर्ट में सब्मिट की गई। कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने 12 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में ज्ञानवापी के अंदर त्रिशूल, कमल, डमरू समेत कई अन्य चिन्ह मिलने का जिक्र है।

सूत्रों के मुताबिक, सर्वे की दूसरी रिपोर्ट में सनातन संस्कृति से जुड़े कुछ चिन्ह मिले है। जिनमें कमल, डमरू और त्रिशूल आदि शामिल हैं। बेसमेंट की दीवार पर भी सनातन संस्कृति के धर्म चिन्ह मिलने का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है। कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने वीडियोग्राफी से जुड़ी चिप भी कोर्ट में जमा करा दी है।

पहले सर्वे की रिपोर्ट में दावा

इससे पहले पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने 6 और 7 मई की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक, इस सर्वे रिपोर्ट में खंडित मूर्तियां, देवताओं की कलाकृतियां, कमल की कलाकृति, शेषनाग की कलाकृति, नागफनी की आकृति, दीवार में ताखा और दीये के सबूत मिलने का दावा किया गया है।

ये उन सबूतों की सूचि है जो रिकॉर्ड होकर कोर्ट में आ चुकी है, यानी कि अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी है। इससे पहली रिपोर्ट में दावो की भरमार के साथ-साथ सबूतों की झड़ी है। जिसमें दावा है कि उत्तर से पश्चिम की दीवार के कोने पर पुराने मंदिर का मलबा है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मलबे में मिले पत्थरों में देवी-देवताओं की कलाकृति दिखीं, कुछ शिलाओं पर कमल की कलाकृतियां, उत्तर से पश्चिम की सिलावट पर शेषनाग की कलाकृति मिली। इसके अलावा नागफनी जैसी आकृति मिलने का भी दावा किया गया है।

लाल सिंदूर, दीए का ताखा भी मिला

इसके साथ ही सर्वे में देव विग्रह भी मिले हैं, जिनमें 4 मूर्तियों की आकृतियां दिखाई दे रही हैं। मूर्तियों में सिंदूरी रंग भी दिखाई दे रहा है, इसके अलावा दीया रखने का ताखा भी मिला है।

सर्वे (Gyanvapi Survey) टीम का ये भी दावा है कि उसे सिलावट मिली है जो लंबे वक्त से जमीन पर पड़ी प्रतीत होती है। साथ ही ये भी कहा गया, ये भी मालूम चल पा रहा था कि ऐसा लगता है जैसे किसी बड़े भवन को तोड़ा गया है।

इतना ही नहीं मस्जिद की पश्चिम दीवार के पास मलबे का ढेर मिलने का भी दावा किया गया है। ये भी दावा है कि मलबे में पत्थर के ढेर और शिला पट भी दिखाई दिए हैं।

गौरतलब है कि अजय मिश्र ने जो रिपोर्ट सौंपी है, वो 6 और 7 मई की है। इन दोनों तारीखों को ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा था, जो आधी-अधूरी पड़ताल ही हो पाई थी।

फिर कोर्ट की सख्ती के बाद दोबारा सर्वे हुआ और आज बाकी दिनों की रिपोर्ट भी अदालत को सौंप दी गई है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में शिवलिंग या फव्वारा मिलने का भी दावा है। साथ ही सनातन धर्म के कई चिन्हों के मिलने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा कई और अहम खुलासे भी रिपोर्ट में हुए हैं।

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