Pegasus Spyware आपके मोबाइल में है या नहीं ? जानिए कैसे रहें सेफ

40 पत्रकारों के स्मार्टफोन को निशाना बनाया है। क्या आपके WhatsApp को भी हो सकता है खतरा, अगर हां तो कैसे बचे ?

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Pegasus Spyware
40 पत्रकारों के स्मार्टफोन को निशाना बनाया है। क्या आपके WhatsApp को भी हो सकता है खतरा, अगर हां तो कैसे बचे ?

द वाशिंगटन पोस्ट और 16 मीडिया हाऊसेज की एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि पेगासस (Pegasus Spyware) का इस्तेमाल पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और व्यावसायिक अधिकारियों की जासूसी की जा रही है। 40 पत्रकारों के स्मार्टफोन को निशाना बनाया है। क्या आपके WhatsApp को भी हो सकता है खतरा, अगर हां तो कैसे बचे ?

कैसे कर सकता है प्रभावित

अगर आपके फोन में स्पाइवेयर आ गया है। तो ये आपकी एंड टू एंड चैट एक्सेस कर सकता है। पेगासस आपके मैसेज को देख सकता है, आपकी कॉल को ट्रैक कर सकता है, यूजर्स की ऐप एक्टिविटी को ट्रैक कर सकता है। इसके साथ ही आपकी लोकेशन, वीडियो, डेटा भी प्रभावित कर सकता है। दुनिया भर की सरकारें लोगों की जासूसी करने के लिए इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल करती हैं।

अब क्यों आया सुर्खियों में…

बता दें “मोस्ट सोफिस्टिकेटेड” फोन हैकिंग टूल कहा गया है। इजराइली कंपनी ने ये भी कहा है कि वे सिर्फ सरकारों को उपकरण बेचती है और इसके दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं है। खास बात ये है कि ये आपकी डिवाइस को हैक करके व्हाट्सऐप समेत तमाम ऐप की जानकारी हासिल कर सकता है। जानकारी के मुताबिक, Pegasus WhatsApp, Viber, Skype and BlackBerry messenger की भी जासूसी कर सकता है। साथ ही बिना यूजर को जानकारी दिए Pegasus फोटो खींच सकता है, ऑडियो रिकॉर्ड कर सकता है, स्क्रीन शॉट ले सकता है।

पेगासस स्पाईवेयर से कैसे बचें

पेगासस आपके फोन में लिंक या मैसेज के जरिए आ सकता है। अगर आप इससे बचना चाहते है तो किसी भी लिंक को क्लिक न करें, कई बार तो ये लिंक दो या तीन शब्दों के दिखाई देते है। ऐसे शब्द जो आपको आकर्षित करने वाले होते, जिन्हें देखकर आप खुद ही इस लिंक पर क्लिक कर देंगे, तो मैसेज आने पर सावधानी बरते।

पेगासस स्पाईवेयर को लेकर क्यों हुआ विवाद

एमनेस्टी इंटरनेशनल के पास करीब 50 हजार फोन नंबर्स की एक लिस्ट है। द वायर नाम के न्यूज पोर्टल ने खुलासा किया कि जिन लोगों की जासूसी की गई, उनमें 300 भारतीय हैं, जिसमें 40 पत्रकार शामिल हैं। इसी दावे के बाद से विवाद शुरु हो गया। लेकिन भारत सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा है कि इसका कोई ठोस आधार या इससे जुड़ा कोई सच नहीं है। 

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