BJP के घोषणा पत्र में नहीं NPR, अमित शाह बोले- CAA, NRC पर विपक्ष कर रहा राजनीति…

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने भारत की जनगणना 2021 की प्रक्रिया शुरू करने और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने की मंजूरी दी है।

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Home Minister Amit Shah

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने भारत की जनगणना 2021 की प्रक्रिया शुरू करने और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने की मंजूरी दी है।

NPR को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ANI न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के बीच कोई संबंध नहीं है। यह मैं साफ तौर पर कहता हूं।’ अमित शाह ने कहा देशभर में एनआरसी पर कोई बात नहीं हो रही है।

गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा था, एनआरसी पर कैबिनेट और संसद में कोई चर्चा नहीं हुई है। जहां तक पार्टी के घोषणापत्र की बात है, तो संसद में चर्चा होना और पार्टी के घोषणापत्र में शामिल होना अलग-अलग बात हैं।

नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष इनको लेकर अफवाह फैला रहा है। किसी अल्पसंख्यक को एनपीआर से डरने की कोई जरूरत नहीं हैं।

अमित शाह से पूछा गया कि गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री NRC और नागरिकता संशोधन कानून को लागू करने से इनकार रहे है, इस सवाल के जवाब में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, राज्यों के मुख्यमंत्रियों को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे दिक्कतें पैदा हो।

अमित शाह से पूछा गया कि गैर बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों ने एनपीआर लागू करने से इनकार कर दिया तो आप क्या करेंगे, इस पर उन्होंने कहा, एनपीआर से किसी को कोई दिक्कत नहीं है। इसको लेकर मैं राज्यों के मुख्यमंत्रियों को समझाने की पूरी कोशिश करूंगा।

BJP के घोषणा पत्र में नहीं एनपीआर

कांग्रेस ने साल 2010 में एनपीआर की प्रक्रिया शुरू की थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”एनपीआर में आधार नंबर देने में कोई हर्ज नहीं हैं। एनपीआर न हमारे घोषणापत्र में शामिल है। जब उनसे पूछा गया कि अगर एनपीआर में किसी का नाम शामिल होने से रह जाता है, तो क्या उसकी नागरिकता चली जाएगी?

उक्त सवाल पर अमित शाह ने कहा कि मैं यह बात बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि एनपीआर में किसी का नाम शामिल नहीं होने से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी। यह एनआरसी से अलग है।”

(CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के सवाल पर क्या बोले शाह.

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के सवाल पर अमित शाह ने कहा, यह विरोध प्रदर्शन सियासी है। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन उन राज्यों में नहीं हुए, जहां सबसे अधिक घुसपैठिए रहते हैं।

अमित शाह से पूछा गया, क्या नागरिकता साबित नहीं कर पाने वालों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा? इस पर उन्होंने कहा, अगर कोई दूसरे देश से गैर कानूनी तरीके से आ जाता है, तो उसको जेल में नहीं रखा जाता है, उसको डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है। डिटेंशन सेंटर का एनआरसी से कोई लेना देना नहीं हैं।

अमित शाह ने कहा, असम में सिर्फ एक डिटेंशन सेंटर है। हालांकि, इसको लेकर मैं कंफर्म नहीं हूं, लेकिन इतना साफ कर देता हूं कि जो भी डिटेंशन सेंटर हैं, वो मोदी सरकार में नहीं बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, जो डिटेंशन सेंटर बने भी हैं, वो संचालित नहीं हैं।

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