GST मुआवजे को लेकर वित्त मंत्री ने राज्यों को दिये ये दो विकल्प

अब राज्यों को इन दोनों विकल्पों पर 7 दिन के अंदर अपना जवाब देना है. 7 दिन के बाद एक फिर एक बैठक होगी. ये दोनों विकल्प सिर्फ इसी साल के लिए होंगे.

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GST Council Meeting
GST मुआवजे को लेकर वित्त मंत्री ने राज्यों को दिये ये दो विकल्प

Delhi: गुरुवार को GST काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting) में राज्यों ने अपने बकाए GST मुआवजे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने राज्यों के सामने इस मुश्किल से निकलने के दो रास्ते रखे हैं,और ये राज्यों पर छोड़ा है कि वो कौन सा रास्ता चुनते हैं. वित्त मंत्री के मुताबिक राज्यों के राजस्व में आई कमी को दूर करने के लिए फिलहाल दो विकल्प हैं, जिसमें रिजर्व बैंक की बड़ी भूमिका होगी. इसमें पहला विकल्प है कि राज्य अपना पूरा GST मुआवजा जो कि 2.35 लाख करोड़ रुपये होता है, RBI से सलाह मशविरा के बाद बाजार से उठाएं.

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वही दूसरा विक्लप है कि रिजर्व बैंक की सलाह से राज्यों को एक विशेष विंडो दिया जाए ताकि वो एक तय ब्याज दर पर 97,000 करोड़ रुपये रकम उधार हासिल ले सकें. इस पैसे को पांच साल बाद वापस किया जा सकता है, क्योंकि तब तक कम्पेनसेशन सेस से राज्यों को काफी फंड मिल चुका होगा. अब राज्यों को इन दोनों विकल्पों पर 7 दिन के अंदर अपना जवाब देना है. 7 दिन के बाद एक फिर एक बैठक होगी. ये दोनों विकल्प सिर्फ इसी साल के लिए होंगे. GST काउंसिल की अगली बैठक (GST Council Meeting) अप्रैल 2021 में होगी. तब मौजूदा हालातों की फिर से समीक्षा की जाएगी.

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GST मुआवजे को लेकर केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब ने अपनी नाराजगी जताई और केंद्र से जल्द से जल्द पैसा देने की मांग की. राज्यों ने केंद्र पर उन्हें धोखा देने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं. वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय के मुताबिक कोरोना की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 में GST मुआवजे का अंतर 3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, इसमें से 65,000 करोड़ रुपये की भरपाई सेस से होगी.

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