किसानों और सरकार के बीच आज फिर बैठक, क्या अब बनेगी बात

कृषि कानून के खिलाफ अब तक प्रदर्शन जारी है। छठे दौर की बैठक के बाद भी बात बनती हुई दिखाई नहीं दे रही।

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Farmers Protest 2020
कृषि कानून के खिलाफ अब तक प्रदर्शन जारी है। छठे दौर की बैठक के बाद भी बात बनती हुई दिखाई नहीं दे रही।

New Delhi: कृषि कानून (Kisan Andolan 2020) के खिलाफ अब तक प्रदर्शन जारी है। सातवें दौर की बैठक के बावजूद किसानों और सरकार के बीच बात बनती हुई दिखाई नहीं दे रही। 4 जनवरी को किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच आठवें दौर (Kisan Andolan 2020) की बातचीत होगी। अब तक जितनी भी बातचीत हुई है उसमे बात नहीं बन पाई। 

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बता दें किसान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली की सड़कों पर ट्रेक्टर ट्रॉली और बाकी वाहनों के साथ ‘किसान गणतंत्र परेड’ (Kisan Andolan 2020) करेंगे। सरकार से बातचीत से पहले द क्विंट ने किसान नेताओं से बात की और जाना कि किसान आखिर चाहते क्या हैं।

केंद्र सरकार की तरफ से किसानों ने ज्यादातर मांगे मान (Farmers Protest 2020) ली हैं। बता दें वायु प्रदूषण या वायु गुणवत्ता का जो अध्यादेश है, उसमें से खेती और किसानों को बाहर निकालना और दूसरा है पावर बिल को वापस लेना।” इन दोनों मु्द्दे पर किसान और सरकार के बीच बात बनती हुई नजर आई हैं। अहम बात ये है कि किसान अभी भी कुछ मांगों को लेकर दिल्ली की कई सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

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बता दें पिछले 39 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर कड़ाके की ठंड और अब बारिश के बाद भी टिके प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर तीन नए कृषि कानूनों (Farmers Protest 2020) को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी स्वरूप प्रदान करने की उनकी दो बड़ी मांगें सरकार चार जनवरी की बैठक में नहीं मानती है तो वे अपना आंदोलन जारी रखने वाले है। 

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