26 नवंबर को क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस? जानें ये खास बातें

26 नवंबर 1949 के दिन देश की संविधान को अपनाया गया था। हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था।

0
261
Constitution Day 2020
26 नवंबर को क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस? जानें ये खास बातें

New Delhi: भारत में आज 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day 2020) मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करते हुए वन नेशन वन इलेक्शन की बात कही है। केवड़िया में 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में पीएम ने कहा कि एक देश एक चुनाव पर बहस बहुत जरूरी है। पीएम मोदी ने संविधान और कानून को लेकर भी अपने विचार रखे। इस दौरान पीएम ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले में मारे गए जवानों को याद किया।

पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा मोदी ने कहा ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ केवल विचार-विमर्श का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की भी जरूरत है। यह विकास कार्य को बाधित करता है और आप सभी इसके बारे में जानते हैं। हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।’ पीएम ने कहा कि लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनावों के लिए केवल एक मतदाता सूची का उपयोग किया जाना चाहिए। हम इन सूचियों पर समय और पैसा क्यों बर्बाद कर रहे हैं?

26/11 को जब दहल गई थी मुंबई, जानें क्या हुआ था उस दिन  

26 नवंबर को क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस

26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू (Constitution Day 2020) हुआ था, लेकिन इससे पहले 26 नवंबर 1949 यानी आज ही के दिन इसे अपनाया गया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के संविधान निर्माता कहा जाता है। क्योंकि साल 2015 में डॉ. आंबेडकर के 125वें जयंती वर्ष के रूप में इस दिवस को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने के केंद्र सरकार के फैसले को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अधिसूचित किया था। संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।

बता दें कि हमारे देश का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है। सभी संविधानों को परखने के बाद इस संविधान का निर्माण कराया गया। संविधान लागू होने के समय इसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, जो वर्तमान में बढ़कर 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हो गए हैं।

‘दिल्ली मार्च’ पर निकले किसान, सभी सीमाएं सील

कानून दिवस क्यों कहा जाता है?

डॉ. भीमरावअंबेडकर आजाद भारत के पहले कानून मंत्री थे। इस कारण संविधान निर्माण में उनके योगदान और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रीय कानून दिवस (National Law Day) को 26 नवंबर को मनाया जाता है, बता दें कि 26 नवंबर को ही संविधान निर्माण समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. सर हरीसिंह गौर की भी जयंती है।

देश से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें National News in Hindi 


देश और दुनिया से जुड़ी Hindi News की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. Youtube Channel यहाँ सब्सक्राइब करें। सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें, Twitter पर फॉलो करें और Android App डाउनलोड करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here