CAA को लेकर BJP चलाएगी ये अभियान, 3 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का है लक्ष्य…

देश भर में हो रहे विरोध को देखते हुए BJP ने एक अहम रणनीति बनाई है। भाजपा के महासचिव भूपेंद्र यादव ने इसकी जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी ।

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BJP General Secretary Bhupendra Yadav

देश भर में हो रहे विरोध को देखते हुए BJP ने एक अहम रणनीति बनाई है। भाजपा के महासचिव भूपेंद्र यादव ने इसकी जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दी । बीजेपी महासचिव भूपेंद्र यादव ने शनिवार को ऐलान करते हुए कहा, नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA को लेकर जनता को जागरूक करने के लिए बीजेपी देशभर में अभियान चलाएगी।

भूपेंद्र यादव ने इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विपक्ष और मुख्यतः कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा पार्टी विपक्ष की भ्रम और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए 10 दिनों का एक विशेष अभियान चलाएगी, तीन करोड़ से अधिक परिवार से संपर्क करेगी ।

पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव ने मीडिया से कहा, ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विपक्ष और मुख्यतः कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। विपक्ष द्वारा भ्रम और झूठ की राजनीति की जा रही है, उसका हम जवाब देंगे। साथ ही यादव ने सवाल किया, मैं कांग्रेस के नेताओं से पूछना चाहता हूं कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2003 में बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने की अपील की थी ? क्या कांग्रेस देश में आगजनी का और उपद्रव का समर्थन करती है?

भूपेंद्र यादव ने कहा, क्या एक प्रमुख विपक्षी दल इस विषय पर भारत के बाहर दूतावास पर प्रदर्शन करता है, क्या वो इस नीति को उचित मानते हैं? यादव ने कहा कि भाजपा का मानना है कि नागरिकता संशोधन कानून के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हुए अनेक लोगों को नयी आशा, विश्वास, सुरक्षा, आस्था, गरिमापूर्ण जीवन देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

यादव ने कहा हमारी पार्टी ने तय किया है, आने वाले 10 दिनों में एक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर नागरिकता संशोधन कानून के संदर्भ में तीन करोड़ से अधिक परिवार से संपर्क करेंगे। उन्होंन कहा कि इस कानून के पक्ष में हर जिले में रैली और सभा की जाएंगी।

पार्टी 250 से ज्यादा स्थानों पर पार्टी पत्रकार वार्ता करेगी । भूपेंद्र ने यह भी कहा कि आज देश के 1,101 शिक्षाविदों ने अपने हस्ताक्षर के द्वारा इस कानून का समर्थन किया है। अनेक विश्वविद्यालयों से इस संदर्भ में पत्र प्राप्त हुए हैं ।

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