Fishermen Arrested in Sri Lanka: श्रीलंका में नौसेना ने गिरफ्तार किए 50 भारतीय मछुवारे

0
62
Kerela News
Fishermen Arrested in Sri Lanka: श्रीलंका में नौसेना ने गिरफ्तार किए 50 भारतीय मछुवारे

Firsherman Arrested: श्रीलंकाई (Sri Lanka) में श्रीलंका नौसेना (Sri Lanka Soldiers) ने 19 दिसंबर को मछली पकड़ने के आठ भारतीय जहाजों को जब्त कर लिया और अवैध शिकार के आरोप में 55 मछुआरों (55 Fishermen) को गिरफ्तार किया है।

श्रीलंकाई सरकारी एजेंसियों ने कहा कि उत्तरी नौसेना कमान से जुड़े चौथे फास्ट अटैक क्राफ्ट फ्लोटिला के एक फास्ट अटैक क्राफ्ट ने छह ट्रॉलरों को पकड़ लिया और 43 मछुआरों को गिरफ्तार किया है जो तमिलनाडु के रामेश्वरम, डेल्फ़्ट द्वीप (नेदुन्थीवु) के दक्षिण-पूर्व में, जाफना के रहने वाले थे। बता दें की शुरुआती घंटों में ऑपरेशन COVID-19 प्रोटोकॉल के अनुपालन में था। उन्होंने बताया कि पकड़े गए मछुवारों को कानूनों कार्यवाई के तहत सभी को संबंधित अधिकारियों को सौंपने की व्यवस्था की जा रही है।

12 मछुवारों को किया गया गिरफ्तार

श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने पर रोक लगाने के लिए नौसेना नियमित गश्त करती है। दिन के दौरान नौसेना ने मंडपम से 12 मछुआरों को गिरफ्तार किया और दो ट्रॉलर जब्त किए है। रामेश्वरम में मछुआरों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 मछुआरों को श्रीलंकाई नौसैनिक शिविर में ले जाया गया। चेन्नई में फिशर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा या चेतावनी के साथ रिहा किया जाएगा।

जैसे ही यह खबर बस्तियों में फैली, मछुआरा संघों के प्रतिनिधि दोपहर में मिले। ”मछुआरे नेता जेसु राजा ने बताया की ‘केंद्र और राज्य सरकारों को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और सभी मछुआरों की रक्षा करनी चाहिए और ट्रॉलरों को वापस लाना चाहिए।’ तब तक, मछुआरे समुद्र में उद्यम नहीं करेंगे।

मछुआरों ने नहीं किया समुद्री सीमा का उल्लंघन

श्रीलंका के दावे के अनुसार मछुआरों ने समुद्री सीमा का उल्लंघन नहीं किया था। श्री जेसु राजा ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना के लिए भारतीय मछुआरों को अतिचार के लिए दोषी ठहराना और बल प्रयोग करके उन्हें गिरफ्तार करना नियमित हो गया था।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात कर मछुआरों और नौकाओं को रिहा कराने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here