ओवरथिंकिंग से हो सकती हैं बीमारियां, इन बातों का रखें ख्याल

अगर आपको भी छोटी-छोटी बात को ज्यादा सोचने की आदत है तो जान ले कि कोई भी बात जिससे आपको गुस्सा या दुख पहुंचता हो, उसपर तुंरत रिएक्ट करने से बचें।

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Overthinking Problem
बहुत ज्यादा ओवरथिंकिंग से हो सकती हैं बीमारियां, इन बातों का रखें ख्याल

New Delhi: सोच-समझकर कोई काम करना अच्छी बात है, पर लगातार सोचते रहना एक परेशानी है। ओवरथिंकिंग करने से दिमाग पर बुरा असर (Overthinking Problem) पड़ सकता हैं। आपको तनाव,नींद जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में आपको ओवरथिंकिंग से दूर रहना चाहिए ताकि उसका प्रभाव आपके स्वास्थ पर ना पड़े। लगातार सोचते रहने से हाइपर टेंशन और डिप्रेशन जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

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अगर आपको भी छोटी-छोटी बात को ज्यादा सोचने की आदत है (Overthinking Problem) तो जान ले कि कोई भी बात जिससे आपको गुस्सा या दुख पहुंचता हो, उसपर तुंरत रिएक्ट करने से बचें। सके बारे में ज्यादा न सोचें। ऐसे में घर से बाहर निकलें या तुरंत किसी और काम में अपना दिमाग लगा दें। कुछ नई चीजों को सीखें और जब भी ऐसा हो उन्हीं चीजों को करें। इस तरह ये आपके दिमाग की मांसपेशियों को रीलेक्स करने में मदद करेगा।

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आइए आपको बताते है कि किस तरह ओवरथिंकिंग करने से आपकी सेहत को नुकसान होता है, आपको किन चीजों की समस्या हो सकती है।

1. ओवरथिंकिंग और बहुत अधिक चिंता करने से आपके दिल का स्वास्थ्य खतरे में पड़ सकता है। सीने में दर्द, चक्कर आना कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जो जरूरत से अधिक सोचने के कारण हो सकती हैं। इसके कारण हाइपरटेंशन, हाइपरटेंशन जैसी क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. बहुत ज़्यादा सोचने से तनाव पैदा हो सकता है, जिसका असर आपके पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है। जठरांत्र या गैस्ट्रोइंस्टेटाइनल समस्याएं जैसे पेट में जलन, इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम, जठरांत्र के काम करने के तरीके में बदलाव और गैस्ट्रिक सीक्रेशन में परिवर्तन, इंस्टेटाइनल पर्मीबिलिटी और आंतों की सूक्ष्मजीविका में परिवर्तन भी तनाव के कारण होता है।

3. ओवरथिंकिंग से नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि जब आपका मन शांत नहीं होता है तो आपका शरीर आपको सोने नहीं देता है। आप लगातार लगभग हर चीज को लेकर चिंता करते हैं, जबकि आपका इन पर कोई नियंत्रण नहीं होता जिससे अक्सर आप कम नींद ले पाते हैं या अच्छी नींद नहीं ले पाते।

4. ओवर थिंकर लोगों को काम पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और सोचना कम चाहिए। जरूरत से ज्यादा सोचने वाले लोगों को कोई भी फैसला लेने में काफी समय लगता है। ऐसे लोग तुरंत निर्णय नहीं ले पाते हैं। और अक्सर सिर दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं,

5. लगातार चिंता, तनाव और बहुत अधिक सोचने से आपकी स्किन या त्वचा भी प्रभावित होती है। चिंता के कारण भावनात्मक तनाव बढ़ सकता है। यह तनाव शरीर में सूजन का भी कारण बनता है, जो त्वचा पर दानों या पिम्पल के रुप में दिखायी पड़ती है।

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