Health tips: बाहरी त्वचा के साथ अंदर के शरीर का भी डेटोक्सिफिकेशन भी ज़रूरी है। जानिए कुछ घरेलु नुस्खे

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हर आदमी अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अपने शरीर की बाहरी सफाई प्रतिदिन करता है क्या आपने सोचा है कि जिस तरह हम अपने शरीर की बाहर से सफाई करते हैं उसी तरह शरीर के अंदरूनी हिस्सों की सफाई भी ज़रूरी है। जिसे हम डेटोक्सिफिकेशन (Detoxification) कहते हैं। इस प्रक्रिया में शरीर के अंदर जमा विषाक्त और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला जाता है। जिससे हमारे शरीर के सभी अंग विषमुक्त और स्वथ्य रहें। कई तरह की चिकित्सा प्रणालियों में इस तरह का उपचार किया जाता है।

आज हम जो भी कुछ खाते हैं कुछ समय बाद वे हमारे शरीर से अपशिष्ट के रूप में बाहर निकलती हैं। खाने का कुछ हिस्सा हमारे शरीर में ही रह जाता है, जो धीरे धीरे हमारे शरीर में एकत्र हो कर समस्या पैदा करने लगता है। खासकर यह हमारे शरीर के आँतों में जमा हो जाता है जिससे अल्सर जैसी खतरनाक बीमारियां पैदा होने लगती हैं।

किस तरह करें डेटोक्सिफिकेशन ?

जब हम कोई भी खाना जिसमें फैट मौजूद हो ऐसा खाना खाते हैं तो वह पच तो जाता है लेकिन हमारी आँतों क्रिस्टी नुमा आकृति होती है जिसमें एक तरह से झालर की तरह आकृति पाई जाती है, उसमें अटक जाता है और हमारे खाने से पानी सोखने वाले स्रोतों में जमा हो जाता है और हमारा पेट खराब रहने लगता है। ये स्थिति तभी पैदा होती है जब खाना सूखकर अपनी जगह बना लेता है। ऐसे जानते हैं इन सब समस्याओं से बचने के आसान घरेलु तरीके।

जानिए विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन (Detoxification) का मतलब है रक्त को शुद्ध करना। यह लिवर में रक्त से अशुद्धियों को दूर करने के लिए किया जाता है। शरीर के अन्य हिस्सों जैसे किडनी, आंत, फेफड़े, लिंफैंटिक सिस्टम और त्वचा से विषाक्त पदार्थों को भी समाप्त किया जाता है। आमतौर पर शरीर की बाहरी शुद्धि पर तो हम सभी का ध्यान होता है लेकिन आंतरिक सफाई पर विचार नहीं किया जाता है, ऐसे में ये विषाक्त पदार्थ शरीर को कई प्रकार से हानि पहुंचा सकते हैं। शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन को लेकर निरंतर प्रयासों की ज़रूरत रहती है।

खूब पानी पियें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर हम सभी दिनभर ज्यादा पानी पीते हैं तो ये डिटॉक्सिफिकेशन (Detoxification) का सबसे असरदार तरीका हो सकता है। पानी पीते रहने से किडनी के माध्यम से अपशिष्ट उत्पाद आसानी से बाहर निकल जाते हैं। पानी पीने से शरीर का तापमान भी नियंत्रण में रहता है। अधिक पानी पीने से खाने में मौजूद पोषक तत्वों को भी शरीर आसानी से शोषित कर लेता है।

नींबू का सेवन

गर्मी में निम्बू का सेवन एक तरह से वरदान साबित होता है। निम्बू में अंदर विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो हमारी स्किन के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। निम्बू के अंदर क्षारीय गन पाए जाते हैं। जो कि जो हमारे शरीर के पीएच मान को संतुलित रखते हैं। आँतों से विषाक्त पदार्थ निकालने में निम्बू बेहद उपयोगी माना जाता है।

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