Diabetes कंट्रोल करने के लिए खाते हैं करेला? न करें ये गलती, पढ़ें

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Diabetes: आप जब सब्जी खरीदने जाते होगे तो आप ने करेला तो देखा होगा। अपने हर रोज करेले के फायदों के बारे में सुना होगा लेकिन नुकसान के बारे में आज हम आपको बताएगें। करेला ब्लड शुगर को कंट्रोल करते है साथ ही ब्लड शुगर के स्पाइक्स को दूर करने में मदद करता है इसी वजह से करेले की सब्जी बनाने का तरीका नुकसानदेह हो सकता हैं डायबिटीज एक अनहेल्दी डाइट से पैदा हुई बीमारी हैं ऐसे में आप क्या खाते हैं कैसे ध्यान रखते है ये भी आपके बीमारी को बढ़ावा दे सकते हैं ब्लड में बढ़ते शुगर लेवल को लोग कंट्रोल करने में खान-पान को लेकर सतर्कता बरतते हैं कई लोग कड़वी सब्जी यानी करेले को भी अपनी नियमित डाइट में शामिल करते हैं।

डायबिटीज नियंत्रित होने के लिए करेले का सेवन 

लेकिन इस दौरान वे ऐसी गलतियां कर बैठते हैं की करेले के सेवन के बाद डायबिटीज नियंत्रित होने के लिए करेले का सेवन करते हैं और आमतौर पर डायटिशियन और डॉक्टर भी बताते हैं कि मधुमेह यानी डायबिटीज में करेले को खाना से गलाइसेमिक कंट्रोल बना रहता है करेला भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्पाइक्स को कम करने में मदद करता हैं और ब्लड शुगर लेवल को कम करता हैं चुकी करेले में कैलोरी और कारबोहाईट्रेड कम होते हैं तो ये डायबिटीज के साथ ही वजन घटाने में भी कारगर हैं लेकिन जान ले कि ये नुकसान का भी कारण बन सकता है डायबिटीज एक ऐसी क्रॉनिक बीमारी है जो भोजन को एनर्जी में बदलने की क्षमता को तेजी से प्रभावित करती है।

साइलेंट किलर के नाम से मशहूर इस बीमारी के लक्षण बॉडी में बहुत पहले दिखाई नहीं देते। अगर समय पर इस बीमारी के लक्षणों की पहचान नहीं की जाए और इसका इलाज नहीं किया जाए तो डायबिटीज के जोखिम बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। ब्लड में शुगर का स्तर हाई होने से कार्डियोवस्कुलर सिस्टम, आंखों की रोशनी और यहां तक कि किडनी की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करना, तनाव से दूर रहना, ब्लड में शुगर के स्तर को नॉर्मल रखना, रेगुलर शुगर को चेक करना और पर्याप्त नींद लेना जरूरी है।

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