Monkeypox: पहले भी मिल चुके हैं मंकीपॉक्स का वायरस, जाने क्या हैं इसके लक्षण और बचाव ?

0
205
Monkeypox

Monkeypox: कोरोना महामारी का प्रकोप अभी थमा नहीं कि एक और वायरस ने दस्तक ने दे दी है। मंकीपॉक्स नाम के इस वायरस ने इस पूरी दुनिया को अचंभित कर दिया है। महामारी के बीच मंकीपॉक्स (Monkeypox) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती नज़र आ रही है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स दस्तक दे चुका है। यह एक प्रकार का संक्रामक रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से होता है।

जानकारों के अनुसार मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) ऑर्थोपॉक्सवायरस (Orthopoxvirus) कुल से जुड़ा हुआ वायरस है। इस कुल के वायरस में चेचक का वायरस आता है। मंकीपॉक्स में भी इसी तरह के वायरस दिखाई पड़ते हैं।

साल 1958 में पहली दिखाई दिया 

इस कुल में वैरियोला नाम का वायरस भी शामिल है। इस वायरस के चलते मनुष्यों में स्मॉल पॉक्स यानी छोटी चेचक होती है। जानवरों में मंकीपॉक्स के लक्षण पहली बार साल 1958 में दिखाई दिए थे। मंकीपॉक्स सबसे पहले बंदरों में दिखाई दिया था। साल 1970 में पहली बार इंसानों के अंदर मंकीपॉक्स कॉन्गो के एक बच्चे में देखा गया था। लेकिन साल 1980 में चेचक उन्मूलन के बाद यह गंभीर समस्या बनकर विश्व भर में उभरा था जिसने सभी को प्रभावित किया था। आइए जानते हैं इस रोग के बारे में किस तरह फैलता है ?

कैसे फैलता है मंकीपॉक्स ?

सीडीसी के मुताबिक मंकीपॉक्स (Monkeypox) से पीड़ित जानवर या व्यक्ति के शरीर से निकले संक्रमित फ्लूइड के संपर्क में आने, संक्रमित जानवर के काटने, छूने आदि कारणों से मंकीपॉक्स फैलता है। खासकर, चूहों, गिलहरियों और बंदरों द्वारा ये सबसे अधिक फैलता है। वहीं, मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के आसपास रखी चीजों को छूने से भी मंकीपॉक्स का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से भी मंकीपॉक्स फैलता है।

लक्षण

मंकीपॉक्स (Monkeypox) से संक्रमित व्यक्ति के अंदर शुरुआत में आम लक्षण दिखाई पड़ते हैं जिनमें बुखार, सिरदर्द, बदनदर्द, पीठदर्द, लसिका ग्रंथि में सूजन, ठंड लगना, थकावट, त्वचा का फटना, शरीर में रैशेज, गला खराब होना, बार-बार खांसी आना, सुस्ती आना और खुजली की समस्या हैं।

बचाव

इसके लिए सबसे पहले सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स का पालन करना चाहिए। अगर आपको इस तरह की कोई भी समस्या है तो आपको चेचक का टीका या वैक्सीन (Vaccine) ज़रूर लगवाना चाहिए।

संक्रमण से बचाव के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बना लें। मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई देने पर बिलकुल भी नहीं घबराएं वल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छे से साबुन या हाथों को धो लें। सैनिटाइजर का इस्तेमाल बेहद ज़रूरी है। अपने साथ सैनिटाइजर जरूर रखें और समय-समय पर इसका इस्तेमाल करते रहें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here