पहली बार विदेशी धरती पर भारत का झंडा फहराने वाली महिला Madam Bhikaji Cama

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Madam Bhikaji Cama: उनका नाम देश की एक ऐसी महिला के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने पहली बार विदेशी धरती में भारत का झंडा फहराया था. यह सम्मेलन 21 अगस्त 1907 को आयोजित किया गया था.

विदेशी धरती पर पहली बार फहराया झंडा

भीकाजी कामा (Madam Bhikaji Cama) का नाम देश की एक ऐसी महिला के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने पहली बार विदेशी धरती में भारत का झंडा फहराया था. यह सम्मेलन 21 अगस्त 1907 को आयोजित किया गया था. जिसमे जर्मनी (Germany) के कांग्रेस अधिवेशन में, विदेशी धरती पर भारत का राष्ट्रीय झंडा फहराया गया था.इसके बाद मैडम भीकाजी कामा का नाम एक क्रांतिकारी महिला के रूप में दर्ज किया गया. उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दिलाने का काम किया.

उस झंडे का स्वरुप काफी हद तक तिरंगे जैसा ही था. उनके क्रांतिकारी रवैये को देखकर ब्रिटेन सरकार के होश उड़ थे. इसके बाद 1913 में ब्रिटेन (Britain) सरकार ने मैडम कामा को क्रांतिकारी नेता का दर्जा दिया. उन्होंने 35 साल तक विदेशी भूमि पर रहकर भारतीय एकता की अलख जगाने का काम किया था.

कौन थी मैडम भीकाजी कामा?

भीकाजी कामा का जन्म 24 सितंबर 1861 को एक पारसी परिवार में हुआ. वह एक स्वतंत्र आदर्श विचारों वाली महिला थी. उनके पिता देश के बहुत बड़े व्यापारी थे. मैडम कामा को अंग्रेजी समेत अन्य कई भाषाओं की जानकारी थी. मैडम कामा हमेशा से ही स्त्री शिक्षा की प्रबल समर्थक रही हैं. उनके विचारों के अनुसार महिलाओं के बगैर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को सफल नही बनाया जा सकता.

प्लेग रोगियों (Plague Patients) और साथ में स्वतंत्रता सेनानियों कि करी थी मदद

1896 में एक भयंकर महामारी प्लेग (Plague) ने मुंबई में दस्तखत दी थी. जिसके चलते मैडम कामा ने प्लेग रोगियों की सेवा के रूप में भी काम किया था. 1902 में वह लंदन के लिए रवाना हुई, और वहां भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के लिए काम करती गई. और इसी के साथ उन्होंने वहाँ दादा भाई नैरोजी के साथ काम किया. इसी के चलते ब्रिटिश सरकार ने उनकी हत्या की योजना भी तैयार करी लेकिन जैसे ही मैडम कामा को इस बात कि भनक लगी तो वह तुरंत ही फ्रांस के लिए रवाना हो गईं और वहां ब्रिटिश सरकार के खिलाफ जंग लडती रहीं. फ्रांस में रहकर वह अपने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए खिलौनों में रिवाल्वर छिपाकर भारत भेजा करती थीं.

मैडम भीकाजी कामा ऐसी पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी बनी, जिन्होंने विदेशी धरती पर भारत का राष्ट्रीय झंडा फहराया और 35 साल तक विदेशी धरती पर रहकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अलख को जगाए रखा.

 

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