Soft Drinks Effect: गर्मियों में ज्यादा ‘सॉफ्ट’ ड्रिंक पीने की आदत, सेहत के लिए बन सकती है बहुत ‘हार्ड’ बीमारियों की लागत

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Soft Drinks Effect: गर्मी यानी वो मौसम जिसमे सेहत का ख्याल सर्वोपरि यानी सबसे ऊपर होना चाहिए, गर्मी यानी वो मौसम जिसमे शरीर को ‘हाइड्रेटेड’ रखने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। वहीं, जब गर्मी में लोगो का गला सूखता है तो वो चीज़ जो सबसे पहले लोगो के जहन में आती है वो है ‘सॉफ्ट ड्रिंक्स’।

ये बात बिल्कुल जायज़ है, कि जब आप सॉफ्ट ड्रिंक पी रहे होते है तो आपको लगता है इससे अच्छी कोई चीज़ दुनिया में है ही नहीं, लेकिन जब ये ड्रिंक आपकी जबान से नीचे उतर कर आपके शरीर में पहुँचती है, तब आपको लगने वाला ये ‘अमृत’, आपके लिए जहर बनने लगता है।

घुला होता है ‘मीठा जहर’ 

सामान्य ड्रिंक के तौर पर प्रचलित ये बोतलों में बंद पेय आपको, डायबिटीज से लेकर लीवर तक की बीमारियां दे सकता है. इसके एक कैन में इतनी शक्कर होती है जितनी आप सीधे तौर पर दो दिन में भी नहीं खाते होंगे.

कोल्ड ड्रिंक के एक कैन में करीब आठ चम्मच शक्कर होती है. वैसे तो शुगरी ड्रिंक (जिनमें घुली हुई शक्कर होती है) कोई भी हो वह नुकसानदेह ही होता है लेकिन सोडा वाले ड्रिंक ज्यादा हानिकारक होते हैं. अगर इन्हें नियमित रूप से लिया जाए तो यह व्यक्ति को बीमार कर सकते हैं.

सॉफ्ट ड्रिंक पीने के बाद होता है ये 

सॉफ्ट ड्रिंक पीने के अगले 20 मिनट में शुगर लेवल बढ़ जाता है। इंसुलिन का फ्लो तेज हो जाता है लिवर इसे कंट्रोल करने की कोशिश तो करता है, लेकिन एक्स्ट्रा शुगर फैट में कंवर्ट हो जाती है।

कोल्ड ड्रिंक पीने के 40 मिनट बाद, शरीर में कैफीन का असर दिखता है आंखों की पुतलियां फैल जाती हैं, अलर्टनेस बढ़ जाती है लेकिन साथ में बीपी भी बढ़ने लगता है।

बिगाड़ते हैं इंसुलिन का संतुलन 

इंसुलिन का मुख्य काम होता है कि वह आपके खून से शक्कर निकालकर शरीर के विभिन्न सेल्स तक भेजती है. अगर आप यह शक्कर कोल्ड ड्रिंक से लेते हैं तो संभावना है कि आपके सेल इसके प्रति प्रतिरोध करें. इस वजह से खून में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है.

चूंकि सॉफ्ट ड्रिंक्स में बहुत मात्रा में शुगर होती है इसलिए इससे निकलने वाली शुगर फ्रक्टोस के कारण इंसुलिन रजिसटेंस की समस्या उत्पन्न कर सकती है .

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