Bhai Dooj 2019: क्यों मनाई जाती है भाई दूज और इसे क्यों कहा जाता है यम द्वितिया, जानिए यहां

पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव के त्योहार का समापन भाई दूज के साथ होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।

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नई दिल्ली: पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव के त्योहार का समापन भाई दूज के साथ होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाने वाला भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। भाई दूज से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। इनमें से एक है यमुना और यम की कथा।

कहा जाता है कि इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर बुलाकर अपने हातों से बना हुआ स्वादिष्ट भोजन कराया। इससे खुस होने के बाद यम ने यमुना को वरदान मांगने को कहा। तब यमुना ने वरदान मांगा कि आज के दिन जो भी बहन अपने भाई को घर बुलाकर पूरे आदर सत्कार के साथ उसका तिलक करके उसे खाना खिलाएगी तो आपका यानि कि यम का भय न हो। तब यम ने तथास्तु कहा।

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यमुना स्नान-

ऐसा माना जाता है कि अगर इस दिन जो भाई-बहन यमुना स्नान करते हैं और पूजा-पाठ करते हैं तो उन्हें यमराज का भय नहीं होता एवं उन्हें यमलोक नहीं जाना पड़ता। इसलिए भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है।

भाई दूज तिथि – मंगलवार, 29 अक्टूबर 2019
भाई दूज तिलक मुहूर्त – 13:11 से 15:23 बजे तक (29 अक्टूबर 2019)

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