WPI Inflation: केंद्र सरकार को मिली बड़ी राहत, लगातार दूसरे महीने आई नरमी

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महंगाई (Inflation In India) के मोर्चे पर सरकार और रिजर्व बैंक के प्रयासों को लगातार सफलता मिलती दिखाई दे रही है। खुदरा महंगाई (Retail Infaltion) के बाद अब थोक महंगाई (Wholesale Inflation) में भी काफी नरमी दिखाई दे रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में थोक महंगाई (Wholesale Inflation June 2022) की दर 13.93 फीसदी तक रही। इससे पहले जून महीने में थोक महंगाई 15.18 फीसद थी।

पिछले दो दशक से उच्चस्तर पर थी महंगाई

जुलाई महीने के थोक महंगाई के आंकड़े सरकार को राहत प्रदान करने वाले रहे हैं। इससे पहले लगातार तीन महीने थोक महंगाई की दर 15 फीसदी से ऊपर ही रही थी। जून से पहले मई महीने में इसकी दर 15.88 फीसदी तक रही।

लगातार दूसरे महीने आई नरमी

जुलाई दूसरा ऐसा महीना है, जब थोक महंगाई में कमी देखी गई है। हालांकि जुलाई लगातार 14वां ऐसा महीना है जहाँ थोक महंगाई की दर 10 फीसदी तक ज्यादा रही है। हाल के महीनों के आंकड़ों को देखा जाए तो पिछले एक साल से थोक महंगाई लगातार बढ़ रही थी और जून महीने से इस ट्रेंड ब्रेक सा लग गया। इस साल फरवरी में थोक महंगाई थोड़ी कम होकर 13.43 फीसदी पर आई थी। हालांकि इसके बाद रूस-यूक्रेन जंग (Russia-Ukraine War) शुरू हो जाने के चलते कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी और कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए।

खुदरा महंगाई से राहत

भारत में भले ही महंगाई दर काबू हो गया है लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अभी भी इसके कारण काफी दिक्कत में हैं। भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) में भी गिरावट देखने को मिलती हैं। जुलाई में खुदरा महंगाई कम होकर पांच महीने के निचले स्तर 6.71 फीसदी पर आकर टिक गई है। लेकिन यह अभी भी रिजर्व बैंक के अपर लिमिट 6 फीसदी से ऊपर है। खुदरा महंगाई लगातार सातवें महीने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय लक्ष्य की सीमा से ऊपर है। इससे पहले जून महीने में खुदरा मुद्रास्फीति कुछ कम होकर 7.01 प्रतिशत तक रही थी।

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