Vodafone ने जीता 20,000 करोड़ के टैक्स विवाद मामले का मध्यस्थता केस

वोडाफोन ने 2016 में भारत सरकार के खिलाफ सिंगापुर के इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर यानी अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अधिकरण के पास याचिका दाखिल की थी.

0
211
Vodafone
Vodafone ने जीता 20,000 करोड़ के टैक्स विवाद मामले का मध्यस्थता केस

Delhi: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन (Vodafone) ने 20,000 करोड़ के टैक्स विवाद मामले (20000.cr Tax Dispute Case) में भारत सरकार (Indian Government) को हराकर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का केस जीत लिया है. कंपनी की ओर से शुक्रवार को बताया गया कि उसे सिंगापुर (Singapore) के एक इंटरनेशनल कोर्ट (International Court) में 12,000 करोड़ बकाए और 7,900 करोड़ जुर्माने वाले एक अहम केस में भारत सरकार के खिलाफ जीत मिली है.

Fiscal Stimulus Package: फेस्टिवल सीजन शुरू होने से पहले मोदी सरकार देगी सबसे बड़ा राहत पैकेज

वोडाफोन (Vodafone) ने 2016 में भारत सरकार (Indian Government) के खिलाफ सिंगापुर के इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर यानी अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता अधिकरण के पास याचिका दाखिल की थी. यह विवाद लाइसेंस फीस और एयरवेव्स के इस्तेमाल पर रेट्रोएक्टिव टैक्स क्लेम को लेकर शुरू हुआ था. कंपनी के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी Reuters को बताया कि अधिकरण ने अपने फैसले में कहा है कि भारत सरकार की ओर से वोडाफोन पर टैक्स लायबिलिटी यानी कर-देयता थोपना भारत और नेदरलैंड्स के बीच हुए निवेश संधि समझौते का उल्लंघन है.

रिलायंस रिटेल में KKR खरीदेगी 1.28 फीसदी हिस्सेदारी

बता दें कि इसके पहले भारत के टेलीकॉम सेक्टर में टॉप की कंपनी वोडाफोन को एजीआर बकाए में भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से थोड़ी राहत मिली थी. कोर्ट ने वोडाफोन (Vodafone) को सरकार का बकाया चुकाने के लिए 10 सालों का वक्त दिया है. हालांकि, कंपनी को फिर भी डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को अपने एडजस्टेड एजीआर बकाए में से 3-5 फीसदी एयरवेव्स के उपयोग शुल्क के तौर पर और आठ फीसदी लाइसेंस फीस के तौर पर देना है. कंपनी ने एजीआर की परिभाषा को लेकर लंबा विवाद किया है, लेकिन पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का पक्ष लेते हुए कहा था कि एजीआर में सभी तरह का राजस्व शामिल किया जाएगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here