Morbi Machhu Dam Failure: मोरबी में खंबों पर लटकी मिली थी लाशें, 43 साल बाद फिर मची दहशत

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Morbi Machhu Dam Failure: कल यानी 30 अक्टूबर को गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी में बना केबल पुल टूट गया। आपको बता दें कि पुल टूटने से कई लोगों ने अपनी जान गवा दी। कल शाम के समय हुए इस बड़े हादसे में कई लोग पुल पर मौजूद थे और वो सभी लोग नदी में गिर गए। वहीं पुल पर करीब 400 से ज्यादा लोग सवार थे। इस मामले में 150 से भी ज्यादा लोगों को मौत होने की खबर सामने आई है। वहीं 100 लोगों को बचा लिया गया हैं लेकिन 50 के लगभग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

मोरबी के इस भयानक हादसे ने एक बार फिर से लोगों को 43 साल पहले की घटना याद दिला दी थी। यह हादसा मोरबी में मच्छू नदी के डैम टूटने से हुआ था। आइए जानते है कि किस तरह 11 अगस्त 1979 को पूरा शहर श्मशान में तब्दील हो गया था-

ओवरफ्लो हुआ था डैम

1979 में लगातार बारिश और स्थानीय नदियों में बाढ़ के कारण मच्छू डैम ओवरफ्लो हो गया था। जिसके बाद पूरे शहर में तबाही मच गई थी। 11 अगस्त 1979 को दापहर 03:15 बजे डैम टूट गया था। जिसके बाद 15-20 मिनट में ही डैम टूटने से पूरा शहर पानी के चपेट में आ गया था। हादसा होने के बाद तुरंत ही मकान और इमारतें गिरने लगी थी, जिसके चलते लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला था।

1979 में गई थी 1439 लोगों की जान

43 साल पुराने इस हादसे में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1439 लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही इस हादसे में 12 हजार से भी ज्यादा पशुओं की मौत हो गई थी। नदियों में बाढ़ आने के कारण लोगों ने एक भयानक नजारा देखा था। बता दें कि इंसानों से लेकर जानवर तक सभी के शव बिजली के खंभों पर लटके हुए थे। वहीं हादसे में पूरा शहर तालाब में तब्दील हो चुका था। साथ ही चारों तरफ सिर्फ लाश ही लाश नजर आ रही थी।

इस हादसे के कुछ दिन बाद इंदिरा गांधी ने मोरबी का दौरा किया था। जिसमें लाशें इतनी सारी थी कि लाशों की दुर्गंध से इंदिरा गांधी को अपने मुंह पर रुमाल बांधना पड़ गया था। बता दें कि इंसानों और पशुओं की लाशें पूरी तरह से सड़ चुकी थी। उस समय मौरबी का दौरा करने वाले सभी नेता और राहत-बचाव कार्य के लोग पूरी तरह से बीमारी का शिकार बन गए थे।

PM मोदी ने कसा था इंदिरा गांधी पर तंज

तकरीबन पांच साल पहले मोरबी में चुनाव रैली के समय भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा था। पीएम मोदी ने कहा था – ‘मच्छू हादसे के समय राहत कार्य के दौरान इंदिराबेन ने मुंह पर रूमाल डखकर मोरबी का दौरा किया था। वहीं संघ के सभी कार्यकर्ता कीचड़ में घुसकर सेवाभाव से लोगों की मदद कर रहे थे। गुजराती मैगजीन चित्रलेखा ने इंदिरा गांधी की तस्वीर पर राजकीय गंदगी और संघ के कार्यकर्ताओं की तस्वीर लगाकर मानवता की खुशबू का शीर्षक लगाया था।’

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