अनाथालय से ऑस्ट्रेलियाई कप्तान बनने तक का सफर, इस खिलाड़ी की कहानी सुन कलेजा मुंह को आ जाएगा

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15 अगस्त को भारत देश आजादी का 75वां वर्ष पूरा करने जा रहा है. पूरा देश इस वक्त ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है. देश से लेकर विदेश तक भारतीयों खिलाड़ियों द्वारा Common Wealth Games में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की शान बढ़ाई गई. खिलाड़ी कभी देश में देश का मान बढ़ाता है तो कभी देश के बाहर मान बढ़ाता है.

इस कड़ी में एक ऐसी खिलाड़ी की कहानी बताने जा रहे हैं. जिसे सुनकर आपका कलेजा मुंह को आ जाएगा. आप मुंह में अंगुली जबाने पर मजबूर हो जाएंगे. यह खिलाड़ी भारतीय मूल की है लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलती है. इस खिलाड़ी ने अनाथालय से लेकर ऑस्ट्रेलिया टीम की कप्तान से लेकर ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल होने तक का सफर तय किया है. तो आइए जानते है इस खिलाड़ी की कहानी…

‘लैला’ से ‘लिजा’ तक का सफर

महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक अनाथालय है, जिसे ‘श्रीवास्तव अनाथालय’ के नाम से जाना जाता है. 13 अगस्त, 1979 को पुणे शहर के एक अनजान कोने में एक लड़की का जन्म हुआ. अनाथालय के प्रबंधक ने इस प्यारी सी बच्ची का नाम ‘लैला’ रखा. जिसे अमेरिकी कपल ने आगे चलकर ‘लैला’ को गोद ले लिया. जिसके बाद उनके अमेरिकी माता-पिता ने अपनी बेटी का नाम लैला से बदलकर ‘लिजा’ रखा.

हालांकि वे वापस से अमेरिका चले गए, लेकिन कुछ वर्षों के बाद वे ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थायी रूप से बस गए. सिडनी में मूल रूप से परिवार के बसने के बाद लिजा के सपनों को एक नई उड़ान मिलने की शुरुआत हुई. लिजा के पिता ने अपनी बेटी को क्रिकेट खेलना सिखाया और घर के पार्क से शुरू होकर गली के लड़के के साथ खेलने तक का यह सफर काफी संघर्ष और रोमांच से भरा हुआ रहा.

क्रिकेट तक का सफर

क्रिकेट के प्रति उनका जुनून अपार था, लेकिन लिजा ने क्रिकेट के साथ अपनी पढ़ाई भी पूरी की. इसी के साथ उन्होंने क्रिकेट खेला और कई सारे रिकॉर्ड भी बनाए. अगर हम बात करें उनके रिकॉर्ड की तो वो कुछ इस तरह से हैं.

1997 में न्यू-साउथ वेल्स के लिए खेला पहला मैच

2001 में ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला ODI खेला

2003 में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेला पहला टेस्ट मैच

2005 में ऑस्ट्रेलिया के लिए खेला पहला टी20 मैच

अब तक के रिकॉर्ड

अगर हम उनके अब तक के पूरे रिकॉर्ड की बात करें तो लिजा ने आठ टेस्ट मैचों में  416 रन बनाकर 23 विकेट लिए. तो वहीं 125 वनडे मैचों में 2728 रन बनाकर 146 विकेट भी झटके. टी-20 मैचों की बात करें तो उन्होंने 54 टी20 मैच खेलकर कुल 769 रन बनाए है. इसी के साथ वो वनडे में 1000 रन और 100 विकेट लेने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गई है.

हालांकि जब ICC की रैंकिंग प्रणाली शुरू हुई तो वह दुनिया की नंबर 1 ऑलराउंडर भी बनी. ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान लिजा स्टालेकर को इंटरनेशनल ICC  ने ‘हाल ऑफ फेम’ में शामिल किया.

 

 

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