मदरसों की सर्वे के बाद योगी सरकार कराएगी वक्फ की संपत्ति की सर्वे

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मदरसों की सर्वे के बाद योगी सरकार कराएगी वक्फ की संपत्ति की सर्वे

Waqf Board Property Investigated: उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) मदरसों के सर्वे के बाद अब वक्फ संपत्तियों का सर्वे करने जा रही है, जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक महीने के अंदर सर्वे पूरा करवाने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 109 और 110 के तहत नियमावली भी बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि इस सर्वे के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

इस सर्वे की पीछे सरकार की मंशा वक्फ प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जे और बिक्री को रोकने की है। देश के मुताबिक यूपी में प्रदेश के सभी जिलों में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्डों की जांच होगी। प्रदेश भर के 75 जिलों में जितनी भी जमीनें हैं उन्हें वक्फ के नाम से अभिलेखों में दर्ज कराया जाएगा।

दारुल उलूम के प्रवक्ता सुफियान निज़ामी का बयान

वक्फ की संपत्तियों के सर्वे को लेकर मौलाना सुफियान निजामी का भी बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘जो मदरसों का सर्वे कराया गया अब बक्फ की संपत्तियो का सर्वे कराया जाएगा इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है’। उन्होंने कहा कि सर्वे के बाद जहाँ भी कब्जा हो उसे हटाया जाए हमने ये देखा है कि वख्फ़ की सम्प्पतियो पर बड़ी तादात में सरकारी इमारते बनी हुई हैं जो वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करके बनाई गई है वक्फ की जमीन पर जो इमारतें और दफ्तर हैं उसका जमीनी रेट के हिसाब से पैसा वख्फ़ को दे दिया जाए।
जिससे मुसलमानों का बहुत बड़ा फायदा होगा, लिहाज हमारा यही मानना है सर्वे का मकसद यही होना चाहिए कि वक्फ की संपत्ति वक्फ दी जानी चाहिए।

पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा का बयान

मदरसों के सर्वे को लेकर पूर्व मंत्री मोहसिन रज़ा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ‘वक्फ संपत्तियों का सर्वे को लेकर विपक्ष के लोग काफी परेशान हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार और लूटपाट की थी। खुद निजी फायदे के लिए वक्फ संपत्तियों को बेचा था। केवल अपना फायदा किया मुस्लिम समाज का भला नहीं किया था। आज योगी सरकार ने अच्छा फैसला लिया है जो लोगों ने अवैध तरीके से सरकारी संपत्तियों या निजी संपत्तियों को दर्ज कर लिया था। उनको वापस दिलाया जाएगा, क्योंकि बहुत शिकायत आ रही थीं। शिकायतों अवैध तरीके से कब्जाई जमीनों को लेकर शिकायतें थीं जोकि अब उन्हें वापस दिलाई जाएंगी।

उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘अभी अखिलेश यादव को बहुत कुछ समझना होगा और अगर हिन्दू-मुसलमान की बात कर रहे हैं, तो सपा पार्टी की बुनियाद ही हिन्दू मुसलमान पर रखी गई है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने क्या कहा ?

सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा हम सर्वे के खिलाफ हैं। सर्वे नहीं होना चाहिए सरकार केवल हिन्दू मुस्लिम करा रही है। वन ट्रिलियन डॉलर की एकॉनमी मदरसो के सर्वे कराने से नहीं होगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग को लेकर भी अखिलेश यादव ने कहा कि आज अस्पतालों में पर्चा कितना महँगा हो गया क्या पर्चे का दाम 100 रूपए करने से अस्पतालों की सुविधाएं अच्छी हो गई। छापा मार डिप्टी सीएम ने कभी देखा की डॉक्टरों की ज़रूरतें क्या हैं ?डॉक्टर अच्छी और नई मशीने चाहते हैं।

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