मशरूम की ये प्रजाती आपको कर सकती है बीमार…

लाल रंग का यह जहरीला मशरूम जिसे पोडोस्ट्रोमा कॉर्नू-डामा नाम से जाना जाता है ये ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में पाया जाता है।

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Deadly Fungus Mushroom
लाल रंग के इस जहरीले मशरूम को छूने से आप पड़ सकते हैं बीमार

New Delhi: आप सभी ने मशरूम के बारे में तो सुना ही होगा जिसे कुकुरमुत्ता के नाम से भी जाना जाता हैं। विदेशों में इसकी खूब खेती की जाती हैं और खाने में भी इस्तेमाल किया जाता हैं। पोषण युक्त भोजन में मशरूम का सेवन भी किया जाता है। मशरूम प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मशरूम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे खाना तो दूर छूने से भी (Deadly Fungus Mushroom) आप बीमार पड़ सकते हैं।

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लाल रंग का यह जहरीला मशरूम जिसे पोडोस्ट्रोमा कॉर्नू-डामा नाम से (Deadly Fungus Mushroom) जाना जाता है ये ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में पाया जाता है। हालांकि, इससे पहले जानकारों का मानना था कि यह जापान और कोरिया जैसे एशियाई देशों में ही होता है। लेकिन यह कवक (Fungus) ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में भी मिलता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह कवक इतना जहरीला है कि इसे खाने से ऑर्गन फेल हो जाते हैं यानी इंसान के अंग काम करना बंद कर देते हैं या फिर इसकी वजह से ब्रेन डैमेज यानी दिमाग को भी नुकसान पहुंच सकता है।

इस कवक को मात्र छूने से ही शरीर में सूजन हो सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह एकमात्र ऐसा कवक है, जिसका जहर त्वचा के जरिए शरीर में अवशोषित हो सकता है। इस जहरीले कवक की वजह से जापान और दक्षिण कोरिया में कई लोगों की मौत हुई है। हुआ यूं की लोगों ने इसे अस्पताल में इस्तेमाल किया जाने वाला खाद्य कवक समझकर चाय में मिलाकर पी लिया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।

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पोडोस्ट्रोमा कॉर्नू-डामा नाम के इस जहरीले कवक को सबसे पहले चीन में साल 1895 में खोजा गया था। हाल ही में इस कवक को इंडोनेशिया और न्यू पापुआ गिनी में भी देखा गया है। डॉक्टरों का कहना हैं कि फिलहाल इसकी सबसे ज्यादा मात्रा ऑस्ट्रेलिया में पाई जा रही है, यहां 20 से अधिक ऐसी कवक की प्रजातियों की पहचान की गई है, जो अनदेखी थी।मशरूम को ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा पसंद नहीं किया जाता है। यही वजह है कि अब तक इस जहरीले कवक का पता नहीं चल पाया था।

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