25 करोड़ साल पहले जब ख़त्म हुआ जीवन का सफर फिर तेज तर्रार जीवों ने लिया जन्म

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पृथ्वी (Earth) पर जीवन का अंत करने वाली अब तक पांच तबाही हो चुकी हैं। अब से लगभग 25 करोड़ साल पहले भी एक ऐसी तबाही आई थी। उस तबाही में धरती पर मौजूद लगभग 90 फीसदी जीवन नष्ट हो चुका था। उस तबाही को एंड पर्मियन या ग्रेट डाइंग (End Permian or Great Dying) के नाम से जाना जाता है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इस तबाही के बाद एक अजीबोगरीब अंदाज़ में पृथ्वी पर जीवन की दोवारा शुरुआत हुई। इस पुनर्जन्म में जो जानवर पैदा हुए वह अपने पूर्वजों से ज्यादा दिमागदार और खूबसूरत थे। हाल ही में की गई एक स्टडी में इसका खुलासा हुआ है।

इंग्लैंड (England) की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में जीवाश्म विज्ञानियों (Paleontologists) की एक टीम ने अध्यन में पाया कि ग्रेट डाइंग की तबाही के बाद नए शिकारियों का जन्म हुआ। इसमें छिपकली और पक्षियों की प्रजाति के जीव पहले से बहुत तेज हो गए। इसके अलावा शिकारियों से बचने की क्षमता भी जानवरों देखने को मिली। स्तनधारियों और पक्षियों में किसी तरह के बाल या पंख का विकास नहीं हो पाया था। 20-25 करोड़ साल पहले पृथ्वी (Earth) और पानी में मौजूद जानवरों में एक अलग बेहद ऊर्जा थी। उनके शरीर की बनावटें उन्हें तेज़ बनाती थीं।

बेहद ऊर्जावान और फुर्तीले थे जानवर

इस नई स्टडी के प्रमुख लेखक प्रोफेसर माइकल बेनटन ने बताया कि सब कुछ बहुत तेजी से हो रहा था। आज के पक्षियों और स्तनधारियों में और उस समय के स्तनधारियों में काफी अंतर था। सरीसृप की प्रजातियां भी अलग हैं। सरीसृप ठंडे खून वाले हुआ करते थे। मतलब उनका शरीर बहुत ज्यादा गर्मी नहीं पैदा करता है। इसके बावजूद भी वह फुर्तीले थे। उनमें सहनशक्ति बिलकुल नहीं होती थी और न ही वे ठण्ड सहन कर सकते थे।

समुद्री जीवों में भी हुआ है विकास

जमीन के साथ-साथ समुद्र में भी विकास हुआ है। डॉ. फेक्सियांग वू ने बताया कि मछली, केकड़ा, गैस्ट्रोपॉ्ड और स्टारफिश ने शिकार करने की नई क्षमताओं का विकास किया और वे काफी तेज और ताकतवर हो गए थे। जबकि तबाही से पहले उनके पूर्वज काफी कमज़ोर थे और इस रिसर्च के लिए इस्तेमाल हुए जीवाश्म चीन (China) में पाए गेय थे। जिससे शिकारियों की एक अनोखी और नई शृंखला का निर्माण हुआ था।

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