शाह फैसल ने कहा, घाटी में 80 लाख आबादी कैद, हर चेहरे पर हार की भावना…

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से वहां पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. कई इलाकों में धारा 144 लगाई गई है. केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया. एहतियातन पूरे राज्य में करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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ईएएस अधिकारी से राजनेता बने शाह फैसल ने बुधवार को कहा कि कश्मीर एक अभूतपूर्व लॉकडाउन का सामना कर रहा है और राज्य की पूरी 80 लाख आबादी आज की तरह कभी कैद नहीं रही. 

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से वहां पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. कई इलाकों में धारा 144 लगाई गई है.  केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया. एहतियातन पूरे राज्य में करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को भी हिरासत में रखा गया है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खुद घाटी में मौजूद हैं. इस बीच आईएएस अधिकारी से राजनेता बने शाह फैसल ने बुधवार को कहा कि कश्मीर एक अभूतपूर्व लॉकडाउन का सामना कर रहा है और राज्य की पूरी 80 लाख आबादी आज की तरह कभी कैद नहीं रही. 

शाह फैसल ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, “कश्मीर में अभूतपूर्व भय. हर कोई टूट गया है. हर चेहरे पर हार की भावना स्पष्ट है.” उन्होंने कहा, “नागरिकों से लेकर विषयों तक. इतिहास ने हम सभी के लिए एक भयानक मोड़ लिया है. लोग सन्न हैं. ऐसी जनता, जिसकी जमीन, पहचान, इतिहास दिनदहाड़े छीन लिया गया है.”

फैसल ने घाटी में सख्त सुरक्षा बंदोबस्त के बारे में जानकारी देने के लिए फेसबुक और ट्विटर दोनों का इस्तेमाल किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “कश्मीर एक अभूतपूर्व लॉक-डाउन का अनुभव कर रहा है. जीरो बृज से हवाईअड्डे तक वाहनों की कुछ आवाजाही दिख रही है. अन्य स्थानों पर बिल्कुल सन्नाटा है. सिर्फ मरीजों और कर्फ्यू का पास रखने वालों को छोड़कर.”  कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद आज जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गए थे. हालांकि उन्हें  श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया है. आजाद ने मीडिया से कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के लोग दुखी हैं. मैं उनके दुख में उनके साथ खड़े होने के लिए वहां जा रहा हूं.

शायद पहली बार, सभी 22 जिलों में कर्फ्यू देखा गया है. क्या आपने इससे पहले सुना है?’ बता दें, संसद ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव वाले संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी.

उधर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने वाले प्रस्ताव को बुधवार को स्वीकृति प्रदान की. 

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