दबंगो द्वारा जिंदा जलाई गई 10वीं की छात्रा की अस्पताल में मौत

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आगरा में बीते दिनों अज्ञात लोगों द्वारा आग से जिंदा जली 15 साल की छात्रा ने अस्पताल में अपना दम तोड़ दिया. कुछ दिन पहले छात्रा अपने स्कूल से वापस आते समय कुछ अज्ञात लोगों ने उस पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी. जिसके बाद पीडिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन शरीर ज्यादातर हिस्से जले होने के कारण उसकी मौत होगी.

डॉक्टरों ने बताया कि चेहरे के साथ-साथ उसके शरीर का 70 फीसदी हिस्सा जल गया था और धुएं के चलते उसकी सांस की नली भी जल गई थी जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी. उन्होंने बताया कि बीती देर रात उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था लेकिन वह बच नहीं पाई और रात डेढ़ बजे के करीब उसकी मौत हो गई.

पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के मलपुरा क्षेत्र के गांव लालऊ में मंगलवार दोपहर बाइक पर सवार दो युवकों ने साइकल पर स्कूल से आ रही छात्रा को रोक कर उसे जिंदा जला कर फरार हो गए. साइकिल सहित सड़क किनारे खाई में गिर पड़ी. लपटों से घिरी किशोरी जैसे-तैसे सड़क पर पहुंची. उसकी मर्मांतक चीख सुनकर राहगीरों से मदद मागी. इस दौरान उसने जमीन पर लेटकर आग बुझाने की कोशिश की. वहां से गुजर रहे युवक अजय ने उसके घर खबर दी. मां अनीता मौके पर पहुंच गई. बाद में सूचना पर पिता हरेंद्र भी एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी पहुंच गए.

घटना के वक्त शहर में सितारा होटल अमर विलास में डीजीपी ओपी सिंह जोन की समीक्षा बैठक ले रहे थे. सूचना से पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए. एडीजी अजय आनंद, डीआईजी लव कुमार और एसएसपी अमित पाठक तुरंत आ गए.

झुलसी अवस्था में एसएन मेडिकल कालेज में छात्रा ने पुलिस को इशारों से बताया कि कुछ दिन पहले दो युवकों ने पीछा किया था. उसकी साइकिल को धक्का दिया था. पिता हरेंद्र ने कहा कि उनकी किसी से रंजिश नहीं थी न ही किसी पर शक है. उनका कहना था कि संजलि ने भी उनसे पूर्व में किसी की कोई शिकायत नहीं की थी.

 

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